Begusarai Lok Sabha: रोज़गार नहीं, खेती पर निर्भर हैं ज़्यादातर लोग, कैसे हैं जातीय समीकरण, क्या है माहौल
Begusarai Lok Sabha Ground Report: लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र बिहार में सियासी बाज़ार सज चुका है। राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी आंकलन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट लेने बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र पहुंची। वहां विभिन्न संगठगनों के लोग और आम जनता की राय जानी।
वन इंडिया की टीम से लोगों ने मुखातिब होते हुए कहा चुनाव के मौसम में ही मीडिया वाले भी सवाल जवाब करने आते हैं। किसे वोट देंगे, किसे वोट दिया था, क्या समस्याएं हैं, परेशानी हल हुई या नहीं। लेकिन चुनाव के बाद यह कोई पूछने नहीं आता है कि जो वादे किए गए थे वह पूरे हो रहे हैं या नहीं।

अब फिर से चुनावी सरगर्मियां तेज़ हुई हैं पत्रकारों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब नेताओं के भी हाथ जोड़कर आने का वक़्त नज़दीक आ रहा है। बच्चन कुमार ने कहा कि हमारे युवाओं को रोज़गार नहीं है। बेगूसराय की अधिकतर जनता खेतीबारी मज़दूरी कर जीवन यापन कर रही है।
Recommended Video
बरौनी रिफ़ाइनरी, फर्टिलाइज़र कंपनी जैसी कई बड़ी कंपनियां हैं। बिहार की औद्योगिक राजधानी की संज्ञा बेगूसराय को दी जाती है, लेकिन स्थानीय युवाओं को इंडस्ट्रीज़ में नौकरी नहीं मिलती है। बेगूसराय के स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह जीत कर गए तो, लौटकर कभी अपने क्षेत्र की जनता का हाल नहीं जाना।
इस बार के चुनाव में बदलाव ज़रूरी है। गिरिराज सिंह को अपने प्रतिनिधि के रूप में देखने के लिए तैयार नहीं है। चुनाव में पता चलेगा कि मतदाताओं के ठगने का नतीजा क्या होता है। खेती बाड़ी नहीं कर रहे होते तो बच्चों को पालना मुश्किल हो जाता।
आपको बता दे कि बेगूसरया में जातीय ऐतबार से भूमिहार समुदाय विनिंग फैक्टर के तौर पर देखा जाता है। बेगूसराय लोकसभा सीट के जातीय आंकड़ों पर नज़र डालें तो 4.76 लाख के क़रीब भूमिहारों की तादाद है। मुस्लिम समुदाय की आबादी 2.6 लाख के करीब है।
दो लाख से कुछ ज्यादा कुर्मी और कुशवाहा समुदाय की आबादी है। वहीं करीब 1.8 लाख यादवों की तादाद है। संख्या करीब 1.5 लाख है। जाति आधारित आंकड़े से भी यह साफ हो रहा है कि बेगूसराय लोकसभा सीट पर भूमिहार समुदाय ही निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। पार्टियां बदलीं है लेकिन उम्मीदवार भूमिहार ही जीतते आए हैं।












Click it and Unblock the Notifications