Unique Marriage: बीमार मां की बेटी ने पूरी की ख्वाहिश, विवाह में मेहमान बने डॉक्टर और कर्मचारी, शादी बनी मिसाल
Unique Wedding In Bihar: फ़िल्मों में अक्सर शादी से जुड़ी मार्मिक कहानी देखने को मिल जाती है, लेकिन बहुत ही कम होता है कि रियल ज़िंदगी में शादी से जुड़ी इमोशनल नज़ारा देखने को मिले। बिहार के आरा ज़िले से शादी से जुड़ी एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जो कि सुर्खियों में बनी हुई है।
आरा जिले में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में रचाई गई शादी का नज़ारा देख वहां मौजूद लोगों की आंखे नम हो गईं। एम्बुलेंस के वेंटिलेटर पर बीमार मां की आंखों के सामने उसकी इकलौती पुत्री की शादी संपन्न कराई गई। इस अनोखी शादी में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ग्रामीण भी मेहमान बने।

दुल्हन की मां का जिस अस्पताल में इलाज हो रहा था, उसी अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी की मदद से यह शादी मुमकिन हो पाई। दरअसल मां की ख्वाहिश थी कि उनकी इकलौती बेटी की शादी वह अपनी आंखों के सामने देखे।
महिला की हालत नाज़ुक थी, डॉक्टरों के मुताबिक अब वह कुछ दिनों की ही मेहमान थी। इसलिए वह चाहती थीं कि बेटी की शाद उनके ज़िंदा रहते ही हो जाए। मां की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बटी भी राज़ी हो गई और फिर एम्बुलेंस से मां का लाया गया। इसके बाद शादी रचाई गई।
मां के सामने प्रीति कुमारी की शादी मानस गांव (दानापुर) निवासी सुरेश राय के पुत्र अजीत कुमार से हुई। सुनीता देवी (दुल्हन की मां) की मानें तो अप्रैल महीने में उनकी बेटी की अजीत से तय की गई थी। शादी तय होने के बाद अचानक ही तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, डॉक्टरों ने कहा कि कुछ पल की मेहमान हैं।
मरने से पहले बेटी की शादी देखना चाहती थी, इसलिए उन्होंने बीमारप हालत में ही बेटी की शादी करवा दी। उन्होंने कहा कि अपने अधूरे काम को पूरा कर लिया है, अब मौत भी आ जाये अफसोस नहीं होगा। वहीं लोगों ने कहा कि बेटी के ज़ज्बे को सलाम है कि मां कि हालत नाजुक होने के बाद भी वह शादी के लिए राज़ी हो गई।

इस हालत में कोई भी बेटी शादी करने का सोच भी नहीं सकती है। एक तो मां की तबीयत ख़राब और दूसरी तरफ़ नई जगह जाकर घर बसाना। इस काम के लिए मां का अहम किरदार होता है। बेटी ने जो मां के लिए किया है, वह मिसाल है। समाज के लिए एक पॉज़िटिव संदेश है।












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