World Drug Day: बिहार के युवा निर्देशक ने किया 'Anti Drugs' नाटक का निर्देशन, मीरा रोड पुलिस की अनोखी पहल
'Anti Drugs Natak': अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर मीरा रोड पुलिस स्टेशन द्वारा एक प्रेरणादायक सामाजिक नाटक "Drugs" का भव्य मंचन किया गया। यह नाटक बिहार के युवा निर्देशक सिद्धार्थ रंजन द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करना था।
पुलिस की सक्रिय भागीदारी
वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए निर्देशक सिद्धार्थ रंजन ने बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मीरा रोड पुलिस स्टेशन की अहम भूमिका रही। सिर्फ आयोजन तक सीमित न रहकर, पुलिस अधिकारियों ने मंच पर प्रत्यक्ष अभिनय कर सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाई।

नाटक का संचालन करने वाले पुलिस अधिकारी:
PI मेघना बुरांडे
PI अरविंद घोडके
API प्रविण भोसले
API संतोष सांगविकार
API अयूब संदे
HC रणजीत बांगे
HC गणेश चाकोर
HC सुभाष शिंदे
इन अधिकारियों ने अपने संचालन से यह स्पष्ट किया कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था की रक्षा करती है, बल्कि समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी है। इनके आने वाले नाटक का नाम साइबर क्राइम, नारी शक्ति और ट्रैफिक का डायरेक्शन निर्देशक सिद्धार्थ कर रहे हैं।
इस नाटक में शानदार अभिनय करने वाले कलाकारों में शामिल रहे:
रानी हरसुले
पुष्पक पाटिल
देवता नन्नावरे
सुरेश चौधरी
ललन खोरजे
रोहित चव्हाण
वैभवी मातरे
अक्षय कांबळे
प्राची सावंत
जाहिद शेख
कल्याणी पवार
अंकुश पाटिल
कल्पेश मेधा
आरती येवलेइन कलाकारों ने मंच पर अपनी भूमिका से दर्शकों को नशे के विनाशकारी प्रभावों से अवगत कराया और समाज में बदलाव की उम्मीद जगाई।
सहयोगी संस्थान
इस प्रयास को एल. आर. तिवारी लॉ कॉलेज ने प्रायोजित किया। कॉलेज ने सामाजिक सरोकार से जुड़े इस कार्य को समर्थन देकर यह साबित किया कि शिक्षा संस्थान भी सामाजिक सुधार में भागीदार बन सकते हैं।
नाटक का सार
Anti Drugs नाटक युवाओं के जीवन में नशे की घातक प्रवृत्तियों, उसके मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक प्रभावों को बेहद प्रभावशाली तरीके से मंच पर प्रस्तुत करता है। यह प्रस्तुति दर्शकों को झकझोरने के साथ ही उन्हें आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करती है।
संदेश और प्रभाव
मीरा रोड पुलिस की यह पहल एक सशक्त संदेश देती है, नशा सिर्फ एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक रोग है, और इसके खिलाफ लड़ाई में प्रशासन, समाज, युवा और संस्कृति सभी की भूमिका अहम है। इस प्रकार Anti Drugs नाटक केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक अभियान बन गया, नशा मुक्त भारत की ओर एक और सशक्त कदम की पहल भी है।












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