Jitan Sahani Hatyakand:बिहार के चर्चित जीतन सहनी हत्याकांड में एक और सुराग, SIT की पूछताछ में सामने आई ये बात
Jitan Sahani Hatyakand: बिहार के दरभंगा जिले में हुई जीतन सहनी हत्यकांड मामले में बिहार पुलिस को एक और सुराग मिला है। घनश्यामपुर थाना कांड सं. 221/ 24 (दिनांक 17.07.24) धारा 103 बी.एन.एस. में कांड के मुख्य अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जीतन सहनी हत्याकांड के आरोपियो में 40 वर्षीय काजीम अंसारी (पिता शफीक अंसारी सा. अफजला टोला सुपौल बाजार), 25 वर्षीय सितारे (पिता मुस्तफा लहेरी), 22 वर्षीय छोटे लहेरी (पिता ओली लहेरी) और मोहम्मद आजाद (पिता मोहम्मद फारूख तीनों, सा० जिरात) का नाम शामिल है।

सभी थाना घनश्यामपुर जिला दरभंगा के निवासी हैं, इन्हें न्यायालय से दो दिनों के रिमांड पर लिया गया। विशेष अनुसंधान टीम द्वारा उक्त चारों अभियुक्त से पूछ ताछ के क्रम में उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हथियार को बरामद किया गया।
आपको बता दें कि जीतन सहनी हत्याकांड मामले में पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है। पूर्व में SIT का दावा है कि हत्या का मुख्य आरोपी की काजीम अंसारी है। वह कपड़े की दुकान चलाता था, पूंजी नहीं होने की वजह से दुकान बंद थी। अभी वह बेरोज़गार है।
काजीम ने जीतन सहनी से डेढ़ लाख का लोन लिया था। 4% मासिक ब्याज दर के साथ 3 किश्तों में चुकाना था। इसके बदले उसने अपनी ज़मीन भी गिरवी रखी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने खुद इस बात को क़बूल किया है, कि लोन का पैसा चुकाने में असमर्थ था। 12 जुलाई 2024 को काजिम अंसारी और उसके एक साथी मोहम्मद. सितारे (छेदी), जीतन सहनी के पास ब्याज की रकम कम कर, उधार का हिसाब करने और ज़मीन वापस करने के लिए बात करने गया था।
इसी दौरान दोनों पक्षो के बीच काफी कहा सुनी हुई। इसकी पुष्टि सितारे और मृतक के भतीजे प्रमोद सहनी ने भी की है। काजिम अंसारी को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर जीतन सहनी से लोन के दस्तावेज़ और जमीन के कागजात छीनने की योजना बनाई।
काज़ीम ने घटना की रात 10 से 11 बजे के बीच जीतन सहनी के घर के सामने वाली गली में रेक्की की, यह फूटेज़ पास में लगे सीसीटीवी में भी कैद है। काज़ीम ने यह देख लिया कि जीतन सहनी के घर से सभी लोग चले गए है, तो फिर उसने अपने साथियों के साथ लगभग डेढ़ बजे पीछे के दरवाजे से दाखिल हुआ।
दरवाजा में अंदर लॉक बंद नही था, घर में दाखिल होने के बाद अभियुक्तों ने जीतन सहनी को जगाया और डराया धमकाया, अपनी जमीन के कागज़ात और लोन के दस्तावेज़ मांगे। लेकिन उसने ने उल्टा गाली देना शुरू कर दिया। इस पर काजिम को गुस्सा आया और उसने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। बाकी लोगों ने जीतन सहनी का हाथ पैर पकड़ कर रखा।
हत्या के बाद अभियुक्तों ने कागज़ात वाली अलमारी की चाबी ढूंढने की कोशिश की, ताकि दस्तावेज़ अपने साथ ले जा सकें। लेकिन चाबी नहीं मिली। इस पर अभियुक्तों ने बंद अलमारी पानी मे फेंकने का फैसला लिया ताकि सभी काग़ज़ पानी गलकर बर्बाद हो जाए। सभी ने मिलकर लकड़ी की अलमारी को घर के पीछे स्थित छोटे से तालाब में फेंक दिया और वहां से फरार हो गए।












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