Aguwani-Sulatanganj Bridge गिरने पर तेजस्वी यादव-कई खामियां मिलीं, विपक्ष में रहते हुए इस मुद्दे को उठाया था
Aguwani-Sulatanganj Bridge Collapse: रविवार को अगुवानी-सुल्तानगंज (बिहार) में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ चुका है।

Aguwani-Sulatanganj Bridge Collapse: खगड़िया जिले को भागलपुर से जोड़ने वाले अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के ढहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। रविवार को गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पुल को जानबूझकर गिराया गया है।
अगुवानी-सुल्तानगंज पुल गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वहीं विपक्षी नेताओं के मौजूदा सरकार पर निशाना साधने के क्रम में,तेजस्वी यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर यह हादसा हुआ है। उन्होंने कहा कि 2022 में तेज़ आंधी के दौरान पुल का एक हिस्सा गिरा था।
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#WATCH | Bihar Deputy CM Tejashwi Yadav speaks on the collapse of an under-construction bridge in Bhagalpur which collapsed for the second time. https://t.co/MoeA7wF1nN pic.twitter.com/sgMuTGwaIs
— ANI (@ANI) June 4, 2023
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद, पुल के स्ट्रक्चर का विश्लेषण करने का फ़ैसला लिया गया था। एक्सपर्ट ने पुल के डिजाइन में 'गंभीर खामियां' पाई थीं। स्ट्रक्चर का विश्लेषण करने वाले एक्सपर्ट ने बताया था कि पुल में कई खामियां हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि सत्ता में आने के बादल हम लोगों ने इस मामले में जांच के आदेश दिए। स्ट्रक्चर में खामियों की वजह से पुल के कई 'कमजोर' हिस्सों पहले ही गिरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 30 अप्रैल को पुल का एक हिस्सा ढहने के बाद विपक्ष के तत्कालीन नेता तौर पर इस मुद्दे को गंभीरत से उठाया था।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एक्सपर्ट की जल्द ही फाइनल रिपोर्ट आने वाली है। रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार प्राथमिकी दर्ज दर्ज करते हुए अनुबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर नियमनुसार कार्रवाई करेगी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि खामियों को दूर करते हुए 2019 में ही पुल निर्माण कार्य शुरू कर देना चाहिए था। भाजपा के आरोपों पर राजद नेताओं ने कहा कि भाजपा के मंत्री मंगल पांडे, नंद किशोर यादव और नितिन नबीन प्रभारी थे, उसी वक्त अधिकांश पुल का निर्माण हुआ था।












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