आंदोलनकारी बनीं 6800 एएनएम कर्मियों की जाएगी नौकरी अगर ना हुईं शांत!
'पिछले एक महीने से हंगामा और प्रदर्शन कर रही एएनएम 23 तारीख को अपने काम पर लौटें अगर वो नहीं लौटतीं हैं तो उनकी नौकरी खत्म कर दी जाएगी।'
पटना। पिछले एक महीने से हंगामा कर रही बिहार की 6800 एएनएम कर्मियों की नौकरी खत्म हो सकती है, इसको लेकर राज्य सरकार ने कड़ी चेतावनी दी है। चेतावनी के बाद भी अगर अस्थाई नौकरी और वेतन संगति को दूर करने की मांग कर रही एएनएम अपने काम पर नहीं लौटीं तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। हंगामा कर रही एएनएम को राज्य स्वास्थ्य समिति से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अगर शनिवार तक वो अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटे तो उन्हें संविदा शिक्षक 2 का उल्लंघन करने के आरोप में चयन मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी जिसमें उनकी नौकरी पर भी खतरा आ सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 23 दिसंबर तक काम पर लौट आने वाली एएनएम को उनके कार्य बहिष्कार अवधि को देय उपार्जित अवकाश में समायोजित किया जा सकता है। नहीं तो सभी की नौकरी खत्म कर दी जाएगी। इसको लेकर हर जिले के डीएम, एसपी को एक पत्र लिखा गया है।

आंदोलन चला को समझो गई नौकरी
जानकारी के मुताबिक बिहार के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य स्वास्थ्य समिति ने एक आदेश जारी करते हुए सभी जिले के डीएम-एसपी को पत्र लिखा है। जिसमें साफ शब्दों में कहा गया है कि पिछले एक महीने से हंगामा और प्रदर्शन कर रही एएनएम 23 तारीख को अपने काम पर लौटें अगर वो नहीं लौटतीं हैं तो उनकी नौकरी खत्म कर दी जाएगी। समिति के कार्यपालक पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने पत्र में ये साफ कहा है कि विरोध पर उतारू जो एनएनएम 23 दिसंबर तक काम पर नहीं लौटती हैं तो उनके विरुद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को खराब करने की वजह से उन्हें नौकरी से निकालने की कार्रवाई की जाएगी।

मानदेय बढोत्तरी की कर रही हैं मांग
वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार हंगामा देखते हुए ये कह रही है कि ये लोग अस्थाई नौकरी के योग्य नहीं हैं। चयनमुक्ति के बाद रिक्ति का रोस्टर अनुमोदन का प्रस्ताव राज्य स्वास्थ्य समिति को शीघ्र भेजा जाए ताकि इन पदों पर नए सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 2017-18 के लिए 5 प्रतिशत की वार्षिक मानदेय वृद्धि का आदेश निर्गत किया जा चुका है। तीन साल की सेवा पूर्ण होने पर 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि और पांच साल की सेवा पूर्ण होने पर 15 प्रतिशत की मानदेय वृद्धि का लाभ देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने रखी अपनी बात
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सेवा अवधि के दौरान एएनएम की मृत्यु होने पर उनके आश्रित को चार लाख का अनुग्रह अनुदान देने का प्रावधान स्वास्थ्य विभाग ने किया है। जिसमें सेवा अवधि बढ़ाई गई है। पिछले एक महीने में 2 नवंबर से राज्य की एएनएम की हड़ताल पर है और राजधानी पटना के गर्दनीबाग में अनशन पर बैठी हुई है। जिसकी वजह से राज्य में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।












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