किसानों के प्रत्यक्ष आय समर्थन में ओडिशा की KALIA स्कीम है असरदार, केंद्र सरकार ले सकती है सीख
भुवनेश्वर। दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 3 महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन ने किसानों के संकट को आम लोगों के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। किसानों के सामने आने वाली संरचनात्मक चुनौतियों के नए समाधान खोजने में समय लगता है। इस बीच केंद्र और कई राज्य सरकारों के द्वारा शुरू की गई गैर-लक्षित कृषि सब्सिडी और डायरेक्ट इनकम सपोर्ट जैसी योजनाएं इन चुनौतियों के समाधान के तौर पर सामने आई हैं।

इन योजनाओं के आधार पर कई राज्य सरकारों ने और केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई कार्यक्रमों को लॉन्च किया है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और ओडिशा की कालिया योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। ओडिशा की कालिया योजना हर जगह 'प्रत्यक्ष आय समर्थन' के तौर पर किसानों की मदद करती आ रही है। इस योजना की शुरुआत उसी वक्त हुई थी, जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का आगाज हुआ था।
कालिया योजना के पहले चरण के तहत, चार महीने की अवधि में, 51 लाख किसानों को DIS (Direct Income support) सिस्टम के रूप में 2,500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अब ओडिशा में लाभार्थियों की पहचान का कार्यक्रम तीन स्टेप पर चलाया जा रहा है और वो स्टेप हैं 'एकीकरण, सत्यापन और बहिष्करण'
पहले स्टेप में, राज्य डेटाबेस को एकीकृत करना शामिल था, जो अनिवार्य रूप से किसानों से आवेदन करना चाहते थे।
दूसरे चरण में सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य डेटाबेस जैसे डेटाबेस के माध्यम से जानकारी का सत्यापन शामिल था।
तीसरे चरण में सरकारी कर्मचारियों, कर दाताओं, बड़े किसानों जैसे अयोग्य आवेदकों को छोड़कर, और स्वेच्छा से चुने गए लोग शामिल थे।












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