साइबर क्राइम को रोकने के लिए ओडिशा सरकार की नई योजना, गठित करेगी साइबर सेफ्टी विंग
भुवनेश्वर, अगस्त 04। कोरोना महामारी के दौर में साइबर क्राइम की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं और साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले अधिकतर अपराधी ओडिशा में पकड़े जाते हैं। इस बात से राज्य सरकार बहुत चिंतित है। इस चिंता के बीच राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य में साइबर सेफ्टी विंग की स्थापना की जाएगी। ये साइबर सेफ्टी विंग एक IG और उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की अध्यक्षता में गठित की जाएगी।

राज्य सरकार ने इस विंग को दो भागों में बनाने का फैसला किया है। इसमें एक साइबर क्राइम और दूसरा इकोनॉमिक अपराध शामिल है। ये दोनों जिला स्तर पर काम करेंगी, जबकि साइबर सेफ्टी विंग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्टेट लेवल पर काम करेंगी।
इस योजना के पहले चरण में स्थायी कार्यकारी घटक और साइबर फोरेंसिक और आईटी एक्सपर्ट समेत सहित डोमेन विशेषज्ञों के साथ प्रस्तावित 28 साइबर पुलिस स्टेशनों में से 13 जिलों के अंदर हर पुलिस स्टेशन में इस विंग की स्थापना होगी। वर्तमान में राउरकेला, संबलपुर, बरहामपुर और भुवनेश्वर में चार साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं।
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइबर सेफ्टी विंग में स्थायी कार्यकारी घटक के साथ-साथ एक्सपर्ट के साथ एक डीआईजी या एक आईजी रैंक के अधिकारी भी होगा। ये विंग स्टेट क्राइम ब्रांच के अंडर आएगा। अधिकारी ने बताया कि साइबर पुलिस स्टेशन साइबर सेफ्टी विंग के अंडर ही काम करेंगे। इसमें अपराधों की जांच के लिए फोरेंसिक सहायता प्रदान करने के लिए एक साइबर अपराध संसाधन केंद्र होगा। यह भारत की कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सर्टिफिकेट-आईएन) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा।












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