उत्तरी ओडिशा में बाढ़ से हालात हुए बदतर, 10 लाख लोग प्रभावित
नई दिल्ली, 25 अगस्त। ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। कई उत्तर के जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बालासोर, में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। यहां नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। अधिकारियों ने बताया कि यहां गांव से 134 लोगों को सुरक्षित बाहर भेज दिया गया है। सुबर्णरेखा, बुद्धाबलांग, जलका, बैतरणी नदी में पानी काफी ज्यादा भर गया है। झारखंड से बाढ़ का पानी छोड़े जाने से हालात थोड़े और बिगड़ गए हैं।

बालासोर, मयूरभंज, जयपुर और भद्रक के 251 गांव में लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं। बाढ़ से कुल 9.66 लाख लोग प्रभावित हैं। पूर्वी ओडिशा पहले ही मध्यम बाढ़ जैसे हालात हैं यहां महानदी में पानी का जल स्तर बढ़ने से गेहूं की खेती खराब हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि तकरीबन 6.4 लाख लोग यहां बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार फिलहाल 440 राहत शिविर चला रही है, जहां 1.71 लाख लोगों को खाने की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि बालासोर, मयूरभंज जिले में रविवार को बड़े स्तर पर लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गांव में पानी भर जाने की वजह से यह अभियान चलाया जा रहा है। सुबर्णरेखा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है यहां पानी पहले ही खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। बालीपाल, भोगराय, बास्ता, जलेश्वर ब्लॉक पानी से भर गया है। ना सिर्फ सुबर्णरेखा बल्कि बुद्धबलांग और जलका नदी में भी पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जयपुर में पानी का स्तर बढ़ने की वजह से कई ब्लॉक डूब गए हैं।
बालासोर रके डीएम दत्तात्रेय भाउसाहब शिंदे ने बताया कि तकरीबन 156 गांव बालासोर जिले में बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने 40 हजार लोगों को सोमवार तक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। इन लोगों को 227 अलग-अलग शेल्टर पर भेजा गया है। बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, क्योंझार, जयपुर जिलों के लिए राज्य सरकार ने 7 दिन का राहत पैकेज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को अधिकारियों को विशेष शक्तियां दी है ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा सके। आपात स्थिति के लिए एक हेलीकॉप्टर भी मुहैया कराया गया है।












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