ओडिशा: केंद्र सरकार ने भारी विरोध के बीच वापस लिया जगन्नाथ मंदिर के लिए विरासत बायलॉज का ड्राफ्ट
भुवनेश्वर। ओडिशा में राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) के द्वारा पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर को लेकर जारी किए ड्राफ्ट को केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है। केंद्र की तरफ से सोमवार को ड्राफ्ट खारिज किए जाने की घोषणा की गई है। यह फैसला राज्य की बीजू जनता दल सरकार, मंदिर समिति समेत राज्य के विपक्षी दल के विरोध के बाद लिया गया है।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मिला BJD और BJP का प्रतिनिधिमंडल
केंद्र की तरफ से इस घोषणा से पहले केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के और पिनाकी मिश्रा की अगुवाई में बीजू जनता दल के प्रतिनिधिमंडल से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। अलग-अलग मुलाकात के दौरान दोनों दलों ने ड्राफ्ट वापस लेने की अपील की थी।
NMA चेयरमैन को नहीं थी ड्राफ्ट की जानकारी
आपको बता दें कि इस मसौदे में प्राधिकरण ने जगन्नाथ मंदिर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण को प्रतिबंधित करने की बात कही थी। NMA के इस फैसले का जमकर विरोध किया जा रहा था। दोनों दलों से बातचीत के दौरान पटेल ने बताया था कि ये प्रस्ताव NMA के चेयरमैन की जानकारी के बिना ही जारी किए गए थे। पटेल ने दोनों दलों के सासंदों को बताया कि, 'राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के अध्यक्ष की जानकारी के बिना ही उपनियम जारी किए गए थे। अब इस पर आगे कोई काम सभी हितधारकों के परामर्श के बाद किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है।
सीएम पटनायक ने किया जगन्नाथ मंदिर का दौरा
वहीं, इससे पहले सोमवार की सुबह राज्य के मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पुरी में 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर का दौरा किया। यहां उन्होंने इस मसौदे का विरोध किया। उन्होंने कहा, 'भगवान जगन्नाथ के अच्छे कामों को कोई नहीं रोक सकता। मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मंदिर के लिए अपनी भूमि का बलिदान किया है। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।'












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