Water Vision 2047: कहीं चीन नदियों को न बना ले हथियार, चिंतित सरकार जल मंत्रियों के साथ भोपाल में करेगी मंथन
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘पानी पर मंथन’ करने देश भर के जल मंत्री जुटेंगे। केंद्र सरकार के वाटर विजन @2047 के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने संवाद होगा। सभी राज्यों से विभाग के सचिवों को भी बुलाया गया हैं।

Water Vision 2047:भविष्य में पानी के संकट से निपटने की अभी से तैयारी की जा रही है। इस मसले पर केंद्र सरकार सभी को एक मंच पर लाकर ब्लू प्रिंट तैयार करना चाहती है। जिसे 'वाटर विजन @2047' नाम दिया गया है। इसकी शुरुआत एमपी में भोपाल में एक सम्मलेन के जरिए होगी। 5 और 6 जनवरी को देश भर के राज्यों के जल मंत्री और पीएचई विभाग के सीनियर ऑफिसर शिरकत करेंगे। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरकार चीन से आने वाली नदियों को लेकर भी चिंतित हैं।

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'जल है तो कल है' यह स्लोगन लिखा-पढ़ा तो जा रहा है, लेकिन वास्तविकता में इसकी अहमियत को समझा नहीं जा रहा। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने आने वाले वक्त में जल संकट जैसी स्थिति निर्मित न हो, इस विजन के साथ अभी से तैयारियों में जुट गई हैं। केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि 5 और 6 जनवरी को अखिल भारतीय राज्य मंत्री सम्मलेन आयोजित होगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सभी राज्यों के जल मंत्रियों और पीएचई विभाग के प्रमुख सचिवों का जमावड़ा होगा। 'वाटर विजन @2047' के रूप में योजना का किस ढंग से रोड मैप तैयार हो, इस पर चर्चा की जाएगी। केंद्र शासित राज्यों के जल संसाधन, सिंचाई विभाग की भी उतनी ही भागीदारी तय की जा रही है, जितनी अन्य राज्यों की हैं।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि मौजूदा हालातों में पानी का समाधान जरुरी हैं। चीन आने वाली नदियां चुनौती है। क्योकि वहां की नदियों पर चीन लगातार बांध का निर्माण कर रहा है। कही कल हथियार के तौर यदि चीन नदियों का उपयोग करने लगा, तो हमारे पास विकल्प मौजूद रहना चाहिए। हमारे देश की चाहे नदियां हो या फिर प्राक्रतिक जल स्त्रोत उनके आस्त्तिव को बचाना, फिर पानी के उपयोग निर्धारित होना भी जरुरी है।













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