Bhopal News: भोपाल में शारदा विहार में विद्या भारती का अभ्यास वर्ग शुरू, RSS चीफ मोहन भागवत ने किया उद्घाटन
Bhopal News: भोपाल के शारदा विहार शैक्षिक संस्थान में विद्या भारती का अभ्यास वर्ग शुरू हो गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने उद्घाटन किया।
इस अभ्यास वर्ग में देश भर के 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। यह पांच दिवसीय अभ्यास वर्ग केरवा डैम रोड स्थित शारदा विहार में आयोजित किया जा रहा है, और इसमें शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण शख्सियतें शामिल हो रही हैं।

5 दिनों तक चलेगा अभ्यास वर्ग
यह अभ्यास वर्ग पांच दिन तक चलेगा, जिसमें कुल 22 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में शिक्षा के क्षेत्र के विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें एनसीईआरटी और सीबीएसई डायरेक्टर, साथ ही भाषा भारती अध्यक्ष भी भाग लेंगे। विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष रामकृष्ण राव ने बताया कि इस अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य विद्या भारती से जुड़े कार्यकर्ताओं को नई शिक्षा प्रणाली और उभरती तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण देना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी पर फोकस
इस अभ्यास वर्ग में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जाएगा। रामकृष्ण राव ने कहा कि विद्या भारती के करीब 22,000 औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रबंधन कार्यों को संभालने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
उनके अनुसार, "हमारी कल्पना है कि सभी जिलों में एक अच्छा स्किल डेवलपमेंट सेंटर बने, ताकि शिक्षा के साथ-साथ निपुणता की व्यवस्था भी हो सके। अपडेटेड नॉलेज से हमारे शिक्षक गण समृद्ध हो सकें, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी में दक्ष हो सकें।"
जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के प्रयास
इस अभ्यास वर्ग के दौरान कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों को समझने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों और तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित करेगा, जिससे वे अपने-अपने जिलों में और व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्य कर सकें।
प्रदर्शनी में भारत की सांस्कृतिक झलक
इस आयोजन में प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई जाएगी। ये प्रदर्शनी डिजिटल और मैन्युअल रूप में भारत की संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के अद्वितीय पहलुओं को प्रस्तुत करेंगी। प्रदर्शनी को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि वह पर्यावरण-संवेदनशील हो और पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रहे।












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