Ujjain News: उज्जैन के पटनी बाजार में भगवान गणेश का अनोखा पंडाल, सोने-चांदी के आभूषणों से सजा साहूकार गणपति
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में गणेश उत्सव का उत्साह चरम पर है। इस बार शहर के पटनी बाजार में सराफा यूथ फेडरेशन ने भगवान गणेश का एक ऐसा पंडाल सजाया है, जो न केवल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि अपनी अनूठी थीम और भव्यता के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
इस पंडाल में भगवान गणपति को एक व्यापारी के रूप में दर्शाया गया है, जो सोने-चांदी की दुकान में नोट गिनने की मशीन, बही-खाता, तौल कांटा, लैपटॉप, और कैलकुलेटर के साथ विराजमान हैं। उन्हें 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमती सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया है, और गणेश उत्सव के अंतिम तीन दिनों में यह सजावट 3 करोड़ रुपये से अधिक की ज्वेलरी से और भी भव्य होगी।

व्यापारी के रूप में गणपति: एक अनोखी थीम
पटनी बाजार के इस पंडाल को सराफा यूथ फेडरेशन के लगभग 100 व्यापारियों ने मिलकर तैयार किया है। फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि इस बार भगवान गणेश को साहूकार के रूप में प्रस्तुत करने का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को उनके सामने रखना है। उन्होंने कहा, "सोने-चांदी के भाव में रोजाना उतार-चढ़ाव और टैरिफ की वजह से व्यापारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हमने भगवान गणपति को व्यापारी के रूप में सजाया ताकि वे हमारी परेशानियों को समझ सकें।"
पंडाल को एक ज्वेलरी शॉप की तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें भगवान गणेश को सोने के हार, कड़े, कान की बालियां, चेन, और अन्य आभूषणों से सजाया गया है। उनके सामने नोट गिनने की मशीन, बही-खाता, और तौल कांटा रखा गया है, जो व्यापारिक माहौल को जीवंत करता है। इसके अलावा, आधुनिकता का पुट देने के लिए लैपटॉप और कैलकुलेटर भी शामिल किए गए हैं, जो इस पंडाल को और भी अनोखा बनाते हैं।
1 करोड़ से 3 करोड़ तक की ज्वेलरी से श्रृंगार
सराफा यूथ फेडरेशन ने रविवार से भगवान गणेश का श्रृंगार शुरू किया, और पहले ही दिन उन्हें 1 करोड़ रुपये की कीमती ज्वेलरी से सजाया गया। प्रशांत सोनी ने बताया कि गणेश उत्सव के अंतिम तीन दिन, यानी 3 से 5 सितंबर तक, भगवान को 3 करोड़ रुपये से अधिक की सोने-चांदी की ज्वेलरी से सजाया जाएगा। इन आभूषणों में सोने के हार, कड़े, चेन, और अन्य गहने शामिल हैं, जो पंडाल को दमकता हुआ स्वरूप प्रदान करते हैं।
पिछले साल फेडरेशन ने 11 लाख रुपये के नए नोटों से भगवान गणेश का पंडाल सजाया था, जो उस समय भी खूब चर्चा में रहा था। इस बार ज्वेलरी की थीम ने उस रिकॉर्ड को और भी ऊंचा कर दिया है।
सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
इतनी कीमती ज्वेलरी और भव्य सजावट को देखते हुए पंडाल की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशांत सोनी ने बताया कि पंडाल के अंदर 2 और आसपास 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करते हैं। इसके अलावा, दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मी पूरे समय पंडाल की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। स्थानीय पुलिस से भी दो पुलिसकर्मियों की मांग की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
रात में शयन आरती के बाद सभी ज्वेलरी को हटाकर सुरक्षित रख लिया जाता है, और अगले दिन दोबारा भगवान का श्रृंगार किया जाता है। गणेश विसर्जन के बाद सभी व्यापारियों को उनके द्वारा दी गई ज्वेलरी वापस कर दी जाएगी।
दर्शन का समय और भक्तों का उत्साह
पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक भक्त सोने-चांदी के आभूषणों से सजे बप्पा के दर्शन कर सकते हैं। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, और लोग इस अनोखे पंडाल को देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। पंडाल की भव्यता और थीम ने न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि पर्यटकों को भी आकर्षित किया है।
सराफा यूथ फेडरेशन की पहल
सराफा यूथ फेडरेशन पिछले कई वर्षों से गणेश उत्सव को भव्य रूप से मनाता आ रहा है। फेडरेशन के सदस्य सुदर्शन सोनी ने बताया कि इस बार 100 से अधिक व्यापारियों ने मिलकर इस पंडाल को सजाने में योगदान दिया है। प्रत्येक व्यापारी ने अपनी ओर से सोने-चांदी के आभूषण प्रदान किए, जिससे यह पंडाल एक अनोखा और भव्य स्वरूप ले सका।
उज्जैन की धार्मिक महत्ता और गणेश उत्सव
उज्जैन, जो महाकाल की नगरी के रूप में विश्वविख्यात है, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। गणेश उत्सव के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों पंडाल सजाए जाते हैं, लेकिन पटनी बाजार का यह पंडाल अपनी अनूठी थीम और भव्यता के कारण सबसे अलग है। यह पंडाल न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह व्यापारियों की एकता और सृजनात्मकता को भी दर्शाता है।












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