MP News: SIR प्रक्रिया पर उमंग सिंघार ने कर दिया ये बड़ा हमला, वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप, जानिए पूरा विवाद
MP SIR News: मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग (ECI) की 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसे वे 'वोटर लिस्ट में खिलवाड़' बता रहे हैं। सिंघार ने कहा, "2003 की मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग SIR करा रहा है, लेकिन यह भूल गया कि 2008 में नई विधानसभाएं बनीं। 2003 की सूची पुरानी विधानसभा (परिसीमन से पहले) की है, जबकि आयोग परिसीमन से पहले की ही सूची का सर्वे करा रहा।
यह मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में हास्यास्पद स्थिति पैदा कर रहा।" यह बयान SIR की शुरुआत (4 नवंबर 2025) के बीच आया, जब 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (मध्य प्रदेश सहित) में 1 जनवरी 2003 की कटऑफ पर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण चल रहा है।\

सिंघार का आरोप है कि पुरानी सूची का इस्तेमाल फर्जी वोटर जोड़ने और असली हटाने का हथियार बनेगा। विपक्ष ने इसे 'लोकतंत्र पर हमला' बताया, जबकि ECI ने सफाई दी कि SIR पारदर्शिता के लिए है। यह विवाद 2028 विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है। आइए, जानते हैं इस पूरे विवाद की पूरी डिटेल - SIR क्या है, सिंघार के आरोपों का आधार, ECI का जवाब और 12 राज्यों पर प्रभाव तक।
SIR प्रक्रिया क्या है? 2003 कटऑफ का विवाद, 12 राज्यों में पुनरीक्षण - ECI का दावा
चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) की घोषणा की। यह प्रक्रिया 1 जनवरी 2003 की कटऑफ पर आधारित है, जहां 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर वर्तमान लिस्ट का सत्यापन होगा। मुख्य उद्देश्य: फर्जी वोटर हटाना, नए जोड़ना, सूची साफ करना।
कवरेज: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुदुच्चेरी, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार।
प्रक्रिया: 4 नवंबर से शुरू, 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल पब्लिश, 8 जनवरी 2026 तक क्लेम-ऑब्जेक्शन। 2003 सूची में नाम वाले दस्तावेज नहीं दिखाने पड़ेंगे, लेकिन उसके बाद जोड़े गए नाम वालों को प्रूफ देना होगा।
ECI का दावा: "SIR पारदर्शिता लाएगा। 2003 कटऑफ नागरिकता साबित करने के लिए, फ्रॉड रोकने को।" CEO MP ने कहा, "सूची साफ होगी, 2028 चुनाव निष्पक्ष।" लेकिन सिंघार ने इसे 'खिलवाड़' कहा।
उमंग सिंघार का तीखा हमला: '2003 सूची पुरानी विधानसभा की, 2008 परिसीमन भूल गया ECI'
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर ECI पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "2003 की मतदाता सूची पुरानी विधानसभा के अनुसार बनी थी, यानी परिसीमन से पहले की है। 2008 में नई विधानसभाएं बनीं, लेकिन ECI परिसीमन से पहले की ही सूची का सर्वे करा रहा। यह MP समेत 12 राज्यों में हास्यास्पद स्थिति पैदा कर रहा। चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को लेकर खिलवाड़ कर रहा है।" सिंघार ने कहा, "पुरानी सूची से फर्जी वोटर जोड़ने और असली हटाने का खतरा। यह लोकतंत्र पर हमला है।"
सिंघार का तर्क:
- 2003 सूची परिसीमन (2008) से पहले की - सीटें, क्षेत्र बदल चुके।
- SIR में 2003 कटऑफ से नए वोटरों को दस्तावेज देना पड़ेगा, जबकि पुराने नाम हट सकते हैं।
- "12 राज्यों में मज़ाक बन गया। ECI BJP के इशारे पर काम कर रहा।"
कांग्रेस ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
- ECI का जवाब: 'SIR पारदर्शिता के लिए, 2003 कटऑफ नागरिकता साबित करने को'
- ECI ने सफाई दी, "SIR फ्रॉड रोकने को। 2003 कटऑफ नागरिकता प्रूफ के लिए, RTI में जवाब दिया।" CEO MP ने कहा, "सूची साफ होगी, दावे-आपत्तियां आमंत्रित।" सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर नोटिस जारी किया, लेकिन फैसला लंबित।
12 राज्यों पर प्रभाव: वोटर लिस्ट में धांधली का डर, 2028 चुनाव पर असर
SIR 12 राज्यों में चल रहा:
- MP: 5.5 करोड़ वोटर, 10% नाम हटने का खतरा।
- UP: 15 करोड़ वोटर, दलित-मुस्लिम प्रभावित।
- राजस्थान: 5 करोड़, OBC फोकस।
- अन्य: गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु आदि।
- विपक्ष का आरोप: "फर्जी जोड़ने का हथियार।" ECI ने कहा, "ड्राफ्ट 9 दिसंबर को।"












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