MP News : नई शराब नीति में बदलाव तक उमा भारती टेंट या झोपड़ी में रहेंगी
उमा भारती ने कहा कि 7 नवंबर से वे घर छोड़ देंगी। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को शराब के आतंक से मुक्ति नहीं दिला देती, तब तक वे खुले आसमान के नीचे रहूंगी।
भोपाल,7 अक्टूबर। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी को लेकर अब तक सबसे बड़ी घोषणा कर दी है। उमा भारती ने कहा कि 7 नवंबर से वे घर छोड़ देंगी। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को शराब के आतंक से मुक्ति नहीं दिला देती, तब तक वे खुले आसमान के नीचे रहेंगी। जंगल में टेंट झोपड़ी बनाकर ही रहेंगी। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो शराब दुकान या अहाते के सामने ही सोएंगी। उमा ने कहा कि वे चौपाल लगाकर लोगों से चर्चा करेंगी। जो कुछ मिलेगा खा लेंगी और नदी में स्नान करेंगी।

बता दे शुक्रवार को भाजपा नेता उमा भारती भोपाल में अपने बंगले पर मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रही थी। पहली बार था जब वो सोशल मीडिया पर लाइव जुड़ रही थी। इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जब तक शराब को नई नीति नहीं बन जाती तब तक वह घर छोड़कर बाहर रहेंगी। बता दे उमा भारती इससे पहले मध्य प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग उठा चुकी हैं,लेकिन शिवराज सरकार के नशा मुक्ति अभियान के बाद में वे शराबबंदी की जगह शराब नीति में बदलाव करने की मांग कर रही है।
आखिर उमा शराब नीति में क्यों बदलाव चाहती हैं ?
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बताया कि वे क्यों शराब नीति में बदलाव चाहती है। उमा ने उदाहरण देते हुए बताया कि भोपाल के अयोध्या नगर बाईपास के सामने एक शराब की दुकान है। ठीक उसके सामने प्राचीन हनुमान और देवी का मंदिर है। और अधिकारियों का तर्क है कि शराब की दुकान मंदिर से 50 मीटर की दूरी पर है, जो कि नियम के हिसाब से ठीक है। इस तरह तो मेरे घर के सामने कम दूरी पर कई दुकानें खुल सकती हैं। मैं शराब दुकान इतनी दूर चाहती हूं कि किसी को परेशानी ना हो। स्थान के हिसाब से दूरी तय की जाना चाहिए। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग या कोई भी शिक्षण संस्थान जब तक खुले रहे, तब तक शराब दुकानें बंद रहे हैं। चाहे 1 किलोमीटर दूरी क्यों ना हो। उनकी मांगे है कि धार्मिक स्थल से शराब दुकानें 500 मीटर की दूरी पर हो। इसके अलावा मजदूरों की बस्ती के आसपास दुकाने ना लगे।












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