Bhopal News: भोपाल में नकली नोट बनाने वाले दो जालसाज गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
Bhopal News: भोपाल की क्राइम ब्रांच ने नकली नोट बनाने वाले दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी फरार है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 5.60 लाख रुपये की ठगी की है, उन्हें झांसा देकर बताया था कि 9.60 लाख रुपये के खर्च में 85 लाख रुपये के नकली नोट तैयार कर देंगे। यह वारदात 15 दिन पहले हुई थी।
शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने प्राथमिकी दर्ज की और आरोपियों की तलाश शुरू की। एडिशनल डीसीपी क्राइम शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ठगी के संबंध में राजकुमार मेहरा (35), निवासी बैरसिया रोड ईंट खेड़ी, ने शिकायत दर्ज कराई।

राजकुमार ने बताया कि उसका परिचित कार चालक उस्मान खान उसे 15 दिन पहले मिला और कहा कि कुछ लोग विश्वकर्मा नगर में कांच की प्लेट और केमिकल से नोट बनाते हैं।
उस्मान खान ने राजकुमार को आश्वस्त किया कि कागज के एक बंडल की कीमत 2.60 लाख रुपये और स्याही की कीमत 7 लाख रुपये होगी, जिससे 85 लाख रुपये के 100 और 500 रुपये के असली जैसे दिखने वाले नोट तैयार किए जाएंगे। इस तरह की बातों से राजकुमार प्रभावित हो गया और वह उस्मान के साथ भोपाल मेमोरियल अस्पताल के पास आरोपियों से मिलने गया।
आरोपियों ने राजकुमार को अपने फ्लैट में ले जाकर नकली नोट बनाने की प्रक्रिया दिखायी। उन्होंने कागज और स्याही की मदद से 100-100 रुपये के 7 नकली नोट प्रेस करके सुखाए और राजकुमार को दिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि ये नोट बाजार में कहीं भी चलाए जा सकते हैं।
राजकुमार ने अपने नए मिले विश्वास के आधार पर 200 रुपये का पेट्रोल भरवाया और बचे 500 रुपये के फल-सब्जी और अन्य सामान खरीदे। यह सब देखने के बाद उसे आरोपियों पर भरोसा हो गया और वह उन पर विश्वास करने लगा।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली नोट बनाने का सामान भी बरामद किया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
भोपाल में ठगी के आरोपियों ने लौटने पर मांगे 2.60 लाख रुपये
भोपाल में नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक फरियादी ने बताया कि जब वह आरोपियों के फ्लैट पर लौटे, तो उन्होंने तत्काल 2.60 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने कहा कि कागज और अन्य सामग्रियों की जरूरत है। राजकुमार मेहरा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह दो दिन में यह रकम इंतजाम कर देगा।
इसके बाद आरोपियों ने स्याही के नाम पर 7 लाख रुपये की मांग की। राजकुमार ने मोहलत मांगी और दो किश्तों में तीन लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इस तरह से कुल मिलाकर 5.60 लाख रुपये की ठगी हुई। इसके बाद आरोपियों ने कॉल उठाना बंद कर दिया और उनके फ्लैट पर ताला लगा दिया।
जब राजकुमार को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जब पुलिस आरोपियों के फ्लैट पर पहुंची, तो वहां ताला लगा मिला।
इस दौरान राजकुमार ने पुलिस को सूचित किया कि आरोपी आरिफ बाबू और रियाज भानपुर ओवर ब्रिज के पास खड़े हैं। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरिफ अली उर्फ बाबू (छोला मंदिर निवासी) और रियाज अली (जनता क्वार्टर, निशातपुरा) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में पता चला कि आरिफ आठवीं पास है और रियाज दसवीं पास है। आरोपियों ने ठगी की रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस अब फरार आरोपियों उस्मान और शेरू की तलाश कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने राजकुमार को असली नोटों का झांसा देकर धोखा दिया, जिससे वह आसानी से ठगी का शिकार बन गया।












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