सिंधिया गुट से भाजपा सरकार में मंत्री बने गोविंद राजपूत के क्षेत्र में गेंहूं खरीदी केंद्रों की दुर्दशा, पहली बारिश में भीगा हजारों टन गेंहूं
भोपाल। चक्रवाती तूफान निसर्ग की वजह से पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश हुई है। बुंदेलखंड समेत प्रदेश का कोना-कोना जमकर भीगा है। बारिश के चलते मध्य प्रदेश में सरकार के इंतजामों की पोल भी खुल गई। प्रदेश के कई खरीद केन्द्रों से हजारों क्विंटल अनाज भीगने की तस्वीरें सामने आई हैं।

पानी में डूब गईं अनाज की बोरियां
मध्य प्रदेश सरकार में सिंधिया गुट से खाद्य एवं सहकारिता मंत्री बने गोविंद राजपूत के क्षेत्र में भी खरीदी केन्द्रों पर अनाज की दुर्दशा हुई है। मानसून 2020 की पहली जबरदस्त बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और अनाज को लेकर सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं की कड़वी हकीकत सामने ला दी। कई खरीदी केन्द्रों पर आलम यह था कि गेहूं की पूरी बोरियां पानी में डूब गईं। इसके अलावा निचले इलाके जलमग्न हो गए और आवागमन के रास्ते भी बंद हो गए।

खाद्य मंत्री राजपूत के इलाके में भी हाल खराब
बता दें कि सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ के खरीद केन्द्रों पर गेहूं और चने की बोरियां जलमग्न हुई हैं। हजारों क्विंटल अनाज बर्बाद हुआ है जबकि यहीं से भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार में वर्तमान खाद्य तथा सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत हैं।

हजारों क्विंटल अनाज हुआ बर्बाद
मध्य प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, सागर और होशंगाबाद में बुधवार रात और गुरुवार दिनभर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। सिमरिया अनाज खरीदी केन्द्र, गेहूं-चना खरीदी केन्द्र सागर और जरुआ खेड़ा गेहूं खरीदी केन्द्र समेत कई कृषि मंडियों में खुले में पड़ा हजारों क्विंटल अनाज भीग गया। यहां अनाज पानी में डूबा नजर आया है।

प्रशासन ने नहीं किए कोई इंतजाम
सबसे बड़ी बात यह है कि मानसून सिर पर है और अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान निसर्ग के आने की भी आशंका थी। इसके बावजूद अनाज को बचाने के लिए सरकार की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। सागर, पन्ना और बुंदेलखंड में अनाज का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। नुकसान अकेले इसी क्षेत्र में नहीं हुआ बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों की स्थिति भी लगभग समान ही है।

केन्द्रों के प्रबंधकों ने भी लिया गंभीरता से
खबर यह भी है कि सरकार की ओर से सभी खरीदी केन्द्रों के प्रबंधकों को बारिश को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी, मगर किसी ने खुले में पड़े अनाज को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। कहने को तो खरीदी केन्द्र पर पड़ा अनाज किसानों ने सरकार को बेच दिया, मगर नुकसान तो अनाज का हुआ है।

परिवहन कर्ता नहीं उठा रहे अनाज
सागर जिले के जरुआ खेड़ा गेहूं खरीदी केंद्र पर अभी भी हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। मानसून के बादल मंडरा रहे हैं, जो एक बार फिर कभी भी अनाज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मीडिया से बातचीत में सागर के अनाज खरीदी केन्द्रों के जिम्मेदार बताते हैं कि परिवहन कर्ता द्वारा केन्द्रों से अनाज उठाया नहीं जा रहा। उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत भी करवा चुके हैं। तीन केन्द्रों पर करीब 33 हजार क्विवंटल अनाज खुले में पड़ा है।

सुनवानी कलां में नौ हजार क्विंटल अनाज भीगा
गेहूं खरीदी केंद्र सुनवानी कलां में भारी बारिश में खुले आसमान के नीचे पड़ा नौ हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। केंद्र प्रभारी जमुना प्रशाद राय ने बताया कि प्रशासनिक परिवहन ठेकेदारों को कई बार फोन पर सूचना दी जा चुकी है। उनके द्वारा गेहूं का परिवहन नहीं किया जा रहा। इसी वजह से सुनवानी कलां में खुले में गेहूं भीग रहा है। जब तक गेहूं का परिवहन नहीं होगा तब तक किसानों को उनका पैसा नहीं आएगा।

किसानों को अभी तक नहीं मिला पैसा
बता दें कि मध्य प्रदेश के किसान खासे परेशान हैं। पहले किसानों ने गेहूं की पैदावार के समय यूरिया, डीएपी समेत अन्य कीटनाशकों की किल्लत झेली। फिर खरीदी केन्द्रों पर अनाज तुलवाने के लिए परेशान होना पड़ा। किसानों को अनाज बेचे एक माह हो गया, मगर अभी खाते में रुपए नहीं आए हैं।












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