Rewa: भगवान राम जिस पहाड़ में ली थी प्रतिज्ञा, हीरे की तलाश में सरकार करवाएगी खनन, गरमाई सियासत
रीवा, 3 सितंबर। जिले के त्योंथर तहसील के तीन गांव मझगवां, पूर्वा और सोहागी को 1 सर्वे के आधार पर डायमंड ब्लॉक चिन्हित किया गया है। जिसकी वजह से अब रीवा की धरती भी हीरा उगलेगी इसके लिए खनन भी अनिवार्य होगा, लेकिन भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इस पर चिन्हित हुए डायमंड ब्लॉक पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।

भगवान राम ने यहीं ली थी पहली प्रतिज्ञा
विंध्य क्षेत्र स्थित सिद्धा पहाड का धार्मिंक और पौराणिक महत्व है। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास की यात्रा पर अनुसंधान करने वालों ने ऐसे 200 स्थानों का पता लगाया था जहां भगवान श्रीराम रुके थे। इसमें मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट को उनका दूसरा पडाव माना गया। पौराणिक कथाओं के अनुसार सतना जिले के मझगावां क्षेत्र के इस सिद्धा पहाड़ पर भगवान श्रीराम ने निशाचरों का नाश करने की पहली प्रतिज्ञा ली थी। रामचरित मानस के अरण्य कांड में इसका उल्लेख है कि जब भगवान रात चित्रकूट से आगे बढ़े तो सिद्धा पहाड़ मिला, यह पहाड ऋषि मुनियों की अस्थियों से बना था। यहां राक्षसों ने ऋषि मुनियों को मारा, जिनकी अस्थियों यह पहाड़ बन गया। यहीं भगवान श्रीराम ने राक्षसों का नाश करने की पहली प्रतिज्ञा की थी। जिसका रामचरित मानस के अरण्यकांड में उल्लेख भी है।

जिस रास्ते से गुजरे राम वहां खनन की तैयारी
पौराणिक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में भगवान राम को 14 साल का वनवास हुआ था। इस दौरान अयोध्या से चित्रकूट की यात्रा के दौरान भगवान राम रीवा जिले के तराई क्षेत्रों से होकर गुजरे थे। इस रास्ते में रीवा के तराई क्षेत्र में शामिल मझगवां, सोहागी सहित कई अन्य गांव आते हैं। इन क्षेत्रों को लेकर सरकार के द्वारा राम वन गमन पथ परियोजना की शुरुआत की गई। इसमें जिस रास्ते से राम गुजरे उसे वन गमन पथ बनाया जाएगा। अब शासन की नीतियों के चलते उन्हीं चिन्हित स्थानों पर किसी न किसी वस्तु का खनन किया जाता है जिसको लेकर अब सतना जिले के मैहर क्षेत्र से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राम वन गमन पथ परियोजना को पलीता ना लगे इसके लिए सरकार को यहां खनन को रोकना होगा। विधायक ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर तत्काल खनन नहीं रोका गया तो वे बड़ा जन आदोलन करेंगे और यात्रा निकालेंगे।

रोक लगने पर डायमंड ब्लॉक होगा प्रभावित
सतना जिले के चित्रकूट स्थित सिद्धा पहाड़ में हो रहे अवैध खनन को रोकने को लेकर मैहर विधानसभा के विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने राम वन गमन पथ में शामिल सभी इलाकों में खनन पर तत्काल रोक लगाए जाने का अल्टीमेटम भी दिया है। ऐसे में सरकार के सामने परेशानी यह है कि खनन पर रोक लगाई जाएगी तो रीवा जिले मैं चिन्हित किए गए डायमंड क्षेत्र भी इससे प्रभावित होगा। साथ ही रीवा के लोगों का यह सपना भी केवल सपना ही रह जाएगा कि रीवा की धरती भी सोना उगलेगी। पर भी खासा प्रभाव पड़ेगा और रीवा की धरती हीरा उगलेगी का सपना केवल सपना ही रह जाएगा।

सड़कों पर उतरेंगे विधायक त्रिपाठी
प्रदेश की बीजेपी सरकार की नीतियों के ही खिलाफ खड़े होने वाले मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपने तर्क रखे हैं।
1- राम वन गमन पथ पर हो रहे खनन के चलते योजना पूरी नहीं हो पाएगी।
2- इस पर सरकार रोक नहीं लगाती है तो वह खुद विरोध करते हुए वन गमन पथ यात्रा करेंगे और खनन पर रोक लगाने का प्रयास करेंगे।
3- सरकार ने अगर तत्काल इस इलाके को खनन मुक्त घोषित नहीं किया तो वे सतना से सरभंगा आश्रम सिद्धा पहाड़ तक पदयात्रा कर इसका विरोध करेंगे

नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
क्योंकि सतना के मैहर विधानसभा से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने राम वन गमन पथ परियोजना को पूरा करने के लिए उस क्षेत्र में हो रहे खनन पर रोक लगाने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ऐसे में राम वन गमन पथ प्रोजेक्ट में शामिल इस क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने की मांग जोर शोर से उठाई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर खनन पर तत्काल रोक लगाने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। विरोध के साथ यह राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विंध्य क्षेत्र के भाजपा और कांग्रेस विधायकों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ तक इसको लेकर विरोध दर्ज करा चुके हैं।












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