एमपी के मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों का दबदबा होगा कम, इन नए चेहरों को मिलेगा मौका !
मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए मंत्रिमंडल में फेरबदल होना तय है। ऐसे में ताजा खबर यह है कि राजेंद्र शुक्ला, कृष्णा गौर एवं सुलोचना रावत का नाम मंत्रिमंडल के लिए पहले राउंड में शॉर्टलिस्ट हो गया
भोपाल, 7 मई। मध्य प्रदेश में इन दिनों मंत्रिमंडल के फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में 3 नए नाम शामिल हो सकते हैं। दो महिला विधायक और एक पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक का नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकता है।
शिवराज सिंह चौहान की चौथी पारी में सिंधिया समर्थकों के आ जाने से मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली थी। लेकिन अब 2023 का विधानसभा चुनाव नजदीक है और ज्योतिराज सिंधिया को केंद्रीय मंत्री बनाकर दिल्ली भी भेजा जा चुका है। ऐसे में अब सिंधिया समर्थकों का दबदबा कम करने के लिए मंत्रिमंडल में फेरबदल किए जा सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू हो सकती हैं मंत्रिमंडल में शामिल
सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि मंत्रिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू और गोविंदपुरा क्षेत्र से विधायक कृष्णा गौर को शामिल किया जा सकता है। कृष्णा गौर पूर्व मुख्यमंत्री की बहू होने के साथ भोपाल की एक बार की महापौर, वर्तमान विधायक और महिला मोर्चा में पकड़ रखने में माहिर हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए महिलाओं को बड़ी संख्या में जोड़ने के लिए कृष्णा गौर को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। अभी हाल ही में भेल (BHEL) के शासकीय कॉलेज के नामकरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृष्णा गौर की जमकर तारीफ की थी।

पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को भी मिल सकता है मौका
वहीं दूसरा नाम बघेलखंड से सामने आ रहा है। राजेंद्र शुक्ला का नाम मंत्रिमंडल के लिए पहले राउंड में शॉर्टलिस्टेड हो गया है। अभी दावे, आपत्तियां, स्क्रुटनी और वीटो बाकी है। शिवराज की चौथी पारी में सिंधिया समर्थकों के आ जाने से सरकार के मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जगह नहीं मिली थी। पिछले कई दिनों से विंध्य की राजनीति में राजेंद्र शुक्ला को लेकर राजनीति गरमाई हुई थी। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिल जाएगी।

कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई सुलोचना रावत को भी मिल सकता है मौका
वहीं तीसरा नाम सुलोचना रावत का है, जो कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई थी। जोबट से भाजपा की विधायक हैं। आपको बता दें कि सुलोचना रावत 2021 में उप चुनाव के 4 दिन पहले कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुई थी और कांग्रेस के महेश पटेल को 6000 से ज्यादा मतों से पराजित किया था। सुलोचना रावत चौथी बार विधायक चुनी गई है। इसलिए इनका नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है।

मध्यप्रदेश में बैक टो पवेलियन वाले मंत्रियों की लिस्ट भी तैयार !
हाल ही में दिल्ली में हुई संघ और बीजेपी संगठन की बैठक में मध्य प्रदेश के कुछ मंत्रियों के परफॉर्मेंस लेकर संघ ने नाराजगी व्यक्त की थी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। अभी कुछ भी फाइनल नहीं है, लेकिन दरवाजे के भीतर लिस्ट तैयार हो रही है और दरवाजे के बाहर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। सूत्रों की मानें तो ज्योतिराज सिंधिया के समर्थक स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी और सुरेश धाकड़ के अलावा उषा ठाकुर, बृजेंद्र यादव, ओमप्रकाश सकलेचा को भी अपनी विधानसभा में काम करने के लिए वापस भेजा जा सकता है।

प्रदेश कांग्रेस में प्रियंका गांधी की एंट्री को लेकर कार्यकर्ता उत्साहित !
मध्य प्रदेश में प्रियंका गांधी सक्रिय हो सकती हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह है डॉक्टर गोविंद सिंह का प्रतिपक्ष बन जाना। बता दें कि जब से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बने हैं, तब से मध्य प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है। ऐसे प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका गांधी उनका नेतृत्व करें।












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