Satpura Bhawan Fire पर कांग्रेस का तीखा सवाल- क्या चुनाव से पहले सबूत मिटाने का सरकारी हरकत
Satpura Bhawan Fire: मध्य प्रदेश की राजधानी में सरकारी इमारत में लगी आग को लेकर कांग्रेस आक्रामक दिख रही है। तीखा सवाल पूछते हुए जीतू पटवारी ने कहा, क्या चुनाव से पहले सबूत मिटाने का सरकारी हरकत?
कांग्रेस ने भोपाल में लगी आग की वीडियो शेयर कर जीतू पटवारी ने कहा, भोपाल के सतपुड़ा भवन से स्वास्थ्य विभाग का संचालन होता है। उन्होंने कहा, चुनाव से ऐन पहले आग लगना संदेह पैदा करता है।

जीतू पटवारी ने सतपुड़ा भवन की आग का वीडियो ट्वीट करने के साथ कैप्शन में सरकार बदलने का दावा करते दिखे। उन्होंने कहा, "शिवराज के दफ़्तर की आग बता रही है, बीजेपी सरकार मध्यप्रदेश से जा रही है।"
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग कर जीतू ने तीखे सवाल भी पूछे। उन्होंने लिखा, @ChouhanShivraj जी, मेरा सीधा सवाल है - यह आग लगी है या लगाई गई है? क्योंकि आमतौर पर माना जाता है कि चुनाव के पहले सबूत मिटाने के लिए सरकार ऐसी 'हरकत' करती है!"
उन्होंने कहा, चुनाव हार रही भाजपा की मध्य प्रदेश यूनिट (@BJP4MP)को अब यह भी बताना चाहिए कि पुराने 'अग्निकांड' में दोषी कौन थे? किसे/कितनी सजा मिली? उन्होंने ट्वीट के अंत में हैशटैग अंधेर नगरी मामा राजा भी लिखा।
कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी करप्शन का जिक्र कर सतपुड़ा भवन अग्निकांड की वीडियो ट्वीट की गई। कांग्रेस ने कहा कि आग देखने से साफ है कि भाजपा को सरकार जाने की भनक लग चुकी है।
कई और कांग्रेस नेताओं ने भी सतपुड़ा भवन अग्निकांड को शिवराज सिंह चौहान की सरकार की विदाई से जोड़ा। मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रमुख अरुण सुभाष यादव ने पूरी घटना को करप्शन छिपाने की कवायद करार दिया।
कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने सवाल किया कि इतनी अहम इमारत में फायर फाइटिंग के क्या बंदोबस्त किए गए? आक्रोश में शर्मा ने सीएम शिवराज को नोटंकीबाज करार दिया और पूछा, रायसेन, एयरपोर्ट, इंडियन ऑयल औऱ भारत पेट्रोलियम से अग्निशमन दल क्यों बुलाने पड़े।
शर्मा ने एक और ट्वीट में लिखा कि 220 महीनों के कार्यकाल में 225 भ्रष्टाचार में लिपटीं फाइलों को अग्निदेव को स्वाहा कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं, कोरोना जैसे तमाम करप्शन के दस्तावेज जलाकर खाक कर गिए गए।
यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने कहा, पहले व्यापमं घोटाले में गवाहों को खत्म किया गया। अब सबूतों को नष्ट किया जा रहा है। उनके ट्वीट को कोट करते हुए पीसी शर्मा ने कहा, सतपुड़ा भवन में आर्थिक अपराथ शाखा (EOW) की फाइलें रखी जाती थीं।
उन्होंने दावा किया कि इसी भवन में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और लोकायुक्त के अहम दस्तावेज रखे जाते थे। पीसी शर्मा ने कहा, तमाम कागजात जलने का अनुमान है जो सुबह तक पूरा हो जाएगा।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने सरकार पर तंज कसा। ट्वीट में माचिस की तस्वीर शेयर करते हुए पीसी शर्मा ने कैप्शन में लिखा, सतपुड़ा भवन में आग किस माचिस से लगी? खुद ही जवाब देते हुए शर्मा ने मंत्री जी माचिस की डिबिया शेयर कर दी।












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