Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sagar MP News: सागर लोकायुक्त ने टीकमगढ़ में 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते दो आरोपियों को पकड़ा

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 9 सितंबर 2025 को सागर लोकायुक्त इकाई ने टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील में सीएम राइज स्कूल में 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) योगेश देशमुख के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पकड़े गए आरोपियों में एक सहायक शिक्षक और एक भृत्य शामिल हैं, जिन्होंने निलंबन अवधि के बकाया वेतन के भुगतान के लिए रिश्वत की माँग की थी। इस कार्रवाई ने शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर किया है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

Sagar Lokayukta caught two accused taking bribe of Rs 1 lakh in Tikamgarh

ट्रैप कार्रवाई: रंगे हाथों गिरफ्तारी

9 सितंबर 2025 को सागर लोकायुक्त इकाई ने सीएम राइज स्कूल, पलेरा में एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त), सागर के नेतृत्व में निरीक्षक रंजीत सिंह और उनकी ट्रैप टीम द्वारा अंजाम दी गई। ट्रैप टीम में निरीक्षक कमल सिंह उईके और अन्य सदस्य शामिल थे।

घटना की पूरी कहानी

अनिल कुमार खरे, जो माध्यमिक विद्यालय बेला में सहायक शिक्षक हैं, को जनवरी 2023 में नए स्कूल में प्रभार न लेने के कारण निलंबित किया गया था। जुलाई 2023 में उनकी बहाली हुई, लेकिन उनकी निलंबन अवधि का बकाया वेतन (लगभग 2.5 लाख रुपये) उनके खाते में जमा नहीं हुआ। इस बकाया वेतन को जल्दी ट्रांसफर करवाने के लिए कैलाश कुमार खरे (सहायक शिक्षक, सीएम राइज स्कूल) और शंकरलाल कटारे (भृत्य, माध्यमिक विद्यालय टोरिया) ने 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।

अनिल कुमार खरे ने इस मांग को अस्वीकार करते हुए लोकायुक्त कार्यालय, सागर में शिकायत दर्ज की। पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त), सागर ने निरीक्षक रंजीत सिंह को शिकायत के सत्यापन का आदेश दिया। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने रिश्वत की राशि को 2 लाख रुपये तक कम किया और अंततः 1 लाख रुपये लेने पर सहमत हुए।

9 सितंबर 2025 को सीएम राइज स्कूल, पलेरा में लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही अनिल कुमार खरे ने 1 लाख रुपये की रिश्वत आरोपियों को दी, निरीक्षक रंजीत सिंह और उनकी टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त), सागर ने बताया, "आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनकी संपत्तियों और बैंक खातों की जाँच शुरू हो चुकी है।"

लोकायुक्त की सक्रियता, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) श्री योगेश देशमुख ने हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए थे। इस कार्रवाई को उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। लोकायुक्त सागर ने 2025 में अब तक 50 से अधिक ट्रैप कार्रवाइयाँ की हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और प्रशासनिक विभागों के कई कर्मचारी और अधिकारी पकड़े गए हैं। सागर इकाई ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

कैलाश कुमार खरे: सीएम राइज स्कूल, पलेरा में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत। वे स्कूल के प्रशासनिक कार्यों में शामिल थे और बकाया वेतन की प्रक्रिया को प्रभावित करने की स्थिति में थे।

शंकरलाल कटारे: माध्यमिक विद्यालय टोरिया में भृत्य। उनकी भूमिका सहायक थी, लेकिन रिश्वत की माँग में वे कैलाश खरे के साथ सक्रिय रूप से शामिल थे।

निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया, "आरोपियों ने निजी लाभ के लिए रिश्वत माँगी थी। उनकी संपत्तियों की जाँच से और भी खुलासे हो सकते हैं।"

आवेदक की कहानी: एक शिक्षक की हिम्मत

अनिल कुमार खरे, 60 वर्षीय सहायक शिक्षक, ने अपनी शिकायत में बताया कि निलंबन अवधि (जनवरी 2023 से जुलाई 2023) के दौरान उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। उनकी बहाली के बाद भी 2.5 लाख रुपये का बकाया वेतन उनके खाते में जमा नहीं हुआ। कैलाश खरे और शंकरलाल कटारे ने इस भुगतान को जल्दी करवाने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की, जो उनके बकाया वेतन से दोगुना था।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस कार्रवाई ने शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर किया है। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, "शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार अस्वीकार्य है। लोकायुक्त की कार्रवाई सराहनीय है। हम इस मामले की आंतरिक जाँच शुरू करेंगे।"

कांग्रेस ने इस घटना का इस्तेमाल मोहन सरकार पर निशाना साधने के लिए किया। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। सीएम राइज स्कूल जैसी योजनाएँ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।" कमलनाथ ने ट्वीट किया, "लोकायुक्त की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार को शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें खत्म करनी होंगी।

भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त की पैनी नजर

लोकायुक्त सागर ने हाल के महीनों में टीकमगढ़, सागर, और छतरपुर जैसे जिलों में कई सफल ट्रैप कार्रवाइयाँ की हैं। 2025 में अब तक 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया है। पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख ने कहा, "हमारी टीमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+