मध्य प्रदेश को 2028 तक मिल्क कैपिटल बनाने का संकल्प, CM मोहन यादव की रतलाम में बड़ी घोषणा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रतलाम जिले के कुंडाल गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य को 2028 तक देश का 'मिल्क कैपिटल' बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और दूध उत्पादन में क्रांतिकारी वृद्धि के जरिए मध्य प्रदेश को देश में नंबर-1 बनाएगी। इस दौरान सीएम ने 246 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, साथ ही कांग्रेस और विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

कुंडाल में सीएम का भव्य स्वागत
शनिवार देर रात को भारी बारिश के बीच उज्जैन से सड़क मार्ग के जरिए रतलाम पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव का रविवार को कुंडाल गांव में आदिवासी परंपरानुसार भव्य स्वागत किया गया। रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर और उनके बेटे धन्नालाल डामर ने सीएम को आदिवासी बंडी (जैकेट), पगड़ी, और चांदी का कड़ा भेंट किया। इसके साथ ही उन्हें तीर-कमान देकर सम्मानित किया गया। सीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत बालिकाओं के पूजन से की और जनता पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बरसाईं।
हालांकि, सीएम का कार्यक्रम दोपहर 12:15 बजे से तय था, लेकिन वह करीब एक घंटे की देरी से कुंडाल पहुंचे। इस देरी के बावजूद, स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी नहीं दिखी।
मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का रोडमैप
सीएम डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में दूध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने की विस्तृत योजना साझा की। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। हम दूध उत्पादन में तेजी लाकर 2028 तक मध्य प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाएंगे। इसके लिए हम न केवल भैंस का दूध, बल्कि गाय का दूध भी खरीदेंगे और इसकी कीमत भी अधिक देंगे।"
प्रमुख योजनाएं और पहल
कामधेनु गौ पालन योजना: सीएम ने डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर शुरू की गई 'कामधेनु गौ पालन योजना' का जिक्र किया। इस योजना के तहत 25 गायों और 42 लाख रुपये तक की गौशाला यूनिट स्थापित करने पर पशुपालकों को 10 लाख रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा। गौशाला से प्राप्त दूध और अन्य उत्पाद पशुपालक के होंगे, और सरकार 25% तक की निवेश लागत माफ करेगी।
दूध संग्रहण नेटवर्क का विस्तार: मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत 6,000 दूध सहकारी समितियों को बढ़ाकर 9,000 किया जाएगा। इससे 18,000 गाँवों को दूध संग्रह नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। दैनिक दूध संग्रह को 10.5 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 20 लाख किलोग्राम और NDDB समर्थित दूध खरीद को 1.3 लाख लीटर से 3.7 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।
मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद: दूध प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देकर पनीर, दही, मक्खन, घी, लस्सी, और फ्लेवर्ड मिल्क जैसे उत्पादों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स और दूध चिलिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
महिला सशक्तिकरण: सिख समाज की तर्ज पर महिला-नेतृत्व वाली डेयरी सहकारी समितियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकें।
डिजिटल पारदर्शिता: दूध खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और गति आएगी।
वर्तमान स्थिति और लक्ष्य
मध्य प्रदेश वर्तमान में देश के दूध उत्पादन में 9% का योगदान देता है और प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 673 ग्राम दूध उत्पादन के साथ राष्ट्रीय औसत (471 ग्राम) से आगे है। सीएम यादव ने इसे 25% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जो भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाने में मदद करेगा।
246 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ
सीएम ने रतलाम में 246 करोड़ रुपये की लागत वाले 57 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें शामिल हैं:
158.64 करोड़ के 37 कार्यों का लोकार्पण: इसमें 125 किलोमीटर की सड़कें, 3 डैम, और 3 बिजली ग्रिड शामिल हैं।
87.27 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन: इसमें रतलाम से खाचरौद तक 220 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क शामिल है।
धार्मिक स्थलों का विकास: रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर की मांग पर सीएम ने कोटेश्वर और विरुपाक्ष महादेव मंदिरों के विकास के लिए योजना बनाने की घोषणा की।
इसके अलावा, सीएम ने 113 करोड़ रुपये की पेयजल योजना और मोरकुंडवा सिंचाई योजना को मंजूरी दी, जो स्थानीय ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाएगी।
कांग्रेस पर तीखा हमला
सीएम ने अपने भाषण में कांग्रेस और विपक्षी नेता राहुल गांधी पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "विपक्ष के कुछ नेताओं को देखकर शर्म आती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विपक्ष के नेता के रूप में इस पद की गरिमा बढ़ाई थी, लेकिन आज के नेता सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, और सेना का अपमान करते हैं। कांग्रेस अपने कुकर्मों के कारण धीरे-धीरे साफ हो रही है। जनता इस बार उन्हें पक्के घर भेज देगी।"
सीएम ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, लेकिन आज यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। किसानों को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 12,000 रुपये की किसान सम्मान निधि दे रही है, जबकि कांग्रेस ने अपने 55 साल के शासन में किसानों के लिए कुछ नहीं किया।
अन्य घोषणाएं
सीएम ने रतलाम और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई अन्य घोषणाएँ कीं:
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा योजना: मालवा अंचल से शुरू होने वाली इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक बस परिवहन सेवा फिर से शुरू की जाएगी।
सौर ऊर्जा और रोजगार: किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे, जिससे वे बिजली बिल से मुक्त होंगे। बदनावर में बन रहे पीएम मित्र पार्क से 1 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सिंचाई और बुनियादी ढांचा: पार्वती-काली-सिंध नदी जोड़ो परियोजना के तहत हर खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा। 2002 में 7.5 लाख हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 52 लाख हेक्टेयर किया गया है, और 2028 तक इसे 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
सीएम की इस घोषणा ने रतलाम और मध्य प्रदेश के पशुपालकों और किसानों में नई उम्मीद जगाई है। स्थानीय पशुपालक रामलाल मालवीय ने कहा, "अगर सरकार गाय का दूध खरीदेगी और हमें प्रोत्साहन देगी, तो हमारी आय दोगुनी हो सकती है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।"
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने इस लक्ष्य की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला है। डेयरी विशेषज्ञ डॉ. अजय मेहता ने कहा, "मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएँ, गुणवत्तापूर्ण चारा, और प्रशिक्षण की जरूरत है। साथ ही, पर्यावरणीय प्रभावों को भी ध्यान में रखना होगा।"












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