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MP News: नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को होगा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, CM मोहन यादव का बयान

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का अगला चरण 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित होगा, जहां प्रदेश के विभिन्न उद्योगपति, निवेशक और अन्य संबंधित क्षेत्र के लोग एकत्रित होंगे।

Regional Industry Conclave will be held in Narmadapuram on December 7 statement of CM Mohan Yadav

नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय कॉन्क्लेव:

मुख्यमंत्री ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होने वाला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव प्रदेश की आर्थिक बेहतरी और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस कार्यक्रम में नर्मदापुरम क्षेत्र के निवेशकों को संबोधित करते हुए, राज्य सरकार प्रदेश की संभावनाओं को प्रमुख उद्योगपतियों के सामने पेश करेगी। इसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और प्रदेश में रोजगार की संभावनाओं को विकसित करना है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले विदेश यात्रा की योजना:

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी भी सरकार के एजेंडे में शामिल है, जो अगले साल होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की जानकारी दी कि इस समिट के आयोजन से पहले वे विदेश यात्रा पर जाएंगे, जहां वे प्रमुख उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगे। इस समिट के जरिए राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो।

सीएम डॉ मोहन यादव का रोजगार सृजन और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, और लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। यह प्रयास राज्य के लोगों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, और प्रदेश के हर नागरिक को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

रोजगार सृजन पर जोर:

सीएम ने बताया कि रोजगार सृजन की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और यह देखा जा रहा है कि प्रदेश के इन प्रयासों से देशभर में सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। राज्य में छोटे, मझोले और बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लोग खुद को आत्मनिर्भर बना सकें और बाहरी राज्यों या देशों में काम करने के लिए न जाना पड़े।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारी:

मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर तैयारी जोरों पर है। यह समिट ग्लोबल स्तर पर आयोजित होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में भारी निवेश आकर्षित करना और प्रदेश के लिए रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न करना है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि इस समिट की तैयारी के तहत वे नवंबर में विदेश यात्रा पर भी जाएंगे, जहां विभिन्न उद्योगपतियों और निवेशकों से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे।

प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण का निर्माण:

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बनाना है, ताकि यहां के युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप काम मिले। वे चाहते हैं कि प्रदेश के युवा रोजगार के लिए बाहर न जाएं और राज्य में ही उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुसार रोजगार मिले।

सम्मेलनों के माध्यम से आर्थिक वृद्धि:

राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसके तहत अब तक जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, सागर, और रीवा में ऐसे सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है। इन सम्मेलनों में उद्योगपतियों, निवेशकों, और सरकारी अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ाया गया है ताकि प्रदेश के उद्योगों को बढ़ावा मिले और रोजगार सृजन की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

पहला सम्मेलन जबलपुर में हुआ था, जो मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र के केंद्र के रूप में जाना जाता है। इसके बाद, इंदौर और उज्जैन (मालवा-निमाड़ क्षेत्र), फिर सागर (बुंदेलखंड क्षेत्र), और आखिरी सम्मेलन रीवा (शिवपुरी-सागर क्षेत्र) में हुआ। इन सम्मेलनों का उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और वहां रोजगार के अवसरों की स्थिति को मजबूत करना है।

आर्थिक वृद्धि और रोजगार में बढ़ोतरी का लक्ष्य:

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से राज्य की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में उद्योगों की संख्या बढ़े, जिससे रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न हों। प्रदेश की औद्योगिक नीति और विकास योजनाएं निवेशकों के लिए आकर्षक बने ताकि वे प्रदेश में निवेश करें और राज्य की समृद्धि में योगदान दें।

नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव:

आने वाले दिनों में, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र के औद्योगिक अवसरों से जोड़ा जाएगा। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक बेहतरी और उद्योगों के विकास के लिए नई रणनीतियां बनाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और उद्योगों के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है, और आने वाले समय में यह प्रयास और भी तेज किए जाएंगे, जिससे राज्य में हर नागरिक को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

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