MP News: इंदौर में मृतकों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ लाख के चेक, राहुल गांधी बोले—यह ‘नए मॉडल’ की स्मार्ट सिटी
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर सियासी और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है।
शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंचे। अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि सरकार और स्मार्ट सिटी मॉडल पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचकर पीड़ितों से मिले राहुल
राहुल गांधी इंदौर पहुंचते ही सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल गए, जहां दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इलाज करा रहे लोगों से उनकी स्थिति जानी और डॉक्टरों से भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली।
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, "ये नए मॉडल की स्मार्ट सिटी है। यहां पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। परिवार पानी पीने के बाद बीमार हुए। यानी इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता-यही है सरकार का अर्बन मॉडल।" उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के दावे तब खोखले लगते हैं, जब लोग बुनियादी जरूरत जैसे स्वच्छ पानी के लिए भी तरस रहे हों।
"यह राजनीति नहीं, लोगों का हक है साफ पानी"
राहुल गांधी ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने दो टूक कहा,"किसी को यह राजनीति लगे तो लगे, लेकिन लोगों को साफ पानी मिलना चाहिए। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ा सवाल है।"
भागीरथपुरा जाकर मृतकों के परिजनों से की मुलाकात
राहुल गांधी इसके बाद सीधे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां दूषित पानी पीने से जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों के दुख को सुना और उन्हें सांत्वना दी।
इस मौके पर राहुल गांधी ने दोनों परिवारों को एक-एक लाख रुपए के चेक दिए, जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की मदद प्रदान की गई।
संस्कार गार्डन में अन्य प्रभावितों से संवाद
भागीरथपुरा के बाद राहुल गांधी संस्कार गार्डन पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी से प्रभावित अन्य परिवारों और लोगों से मुलाकात की। यहां भी पीड़ितों ने अपनी आपबीती साझा की-किस तरह गंदा पानी पीने के बाद अचानक लोग बीमार पड़ने लगे, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की तबीयत बिगड़ गई और कई परिवारों ने अपनों को खो दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ितों के साथ खड़ी है और इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की लड़ाई लड़ी जाएगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस पूरे दौरे के दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अजय सिंह शामिल रहे। सभी नेताओं ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर प्रशासनिक लापरवाही को गंभीर मुद्दा बताया।
24 मौतों से मचा हड़कंप
गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गंदे पानी की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बढ़ता राजनीतिक दबाव
राहुल गांधी के दौरे और पीड़ितों को आर्थिक सहायता दिए जाने के बाद सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई हो, मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में स्थायी रूप से स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भागीरथपुरा की यह त्रासदी अब सिर्फ इंदौर की स्थानीय समस्या नहीं रही, बल्कि शहरी विकास, स्मार्ट सिटी और बुनियादी सुविधाओं की सच्चाई को उजागर करने वाला बड़ा मुद्दा बन चुकी है।












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