चुनाव से पहले MP में विधायकों की बल्ले-बल्ले, बढ़ेगा वेतनमान, सरकार पर आएगा इतने करोड़ का अतिरिक्त भार
एमपी में होने वाले चुनाव पहले अब विधायकों का वेतन बढ़ाने की तैयारी। अभी मिलता है एक लाख दस हजार रुपए। जानकारी अनुसारनए नए वेतनवृद्धि के तहत 40 हजार बढ़ाने पर चर्चा चल रही है।

मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले विधायकों की बल्ले बल्ले होने वाली है। दरअसल विधायकों का वेतन बढ़ाने को लेकर तैयारी की जा रही है। वर्तमान में विधायकों को ₹1 लाख 10 हजार वेतन मिलता है। जिसमें ₹40 हजार की बढ़ोतरी को लेकर चर्चा चल रही है। अगर ऐसा होता है तो विधायकों की सैलरी 1 लाख 50 हजार यानी डेढ़ लाख रुपए हो जाएगी। सरकार ने वेतन भत्ते बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों से जानकारी बुलाई है। इसके बाद वेतन भत्तों व पेंशन पुनरीक्षण के लिए गठित समिति इस पर फैसला लेगी। अगर ऐसा हुआ तो राज्य सरकार के खजाने पर करोड़ो रुपये का अतिरिक्त भार भी आएगा।

50 साल में अब तक 550% बड़ा वेतन
बता दे वेतन भत्ते बढ़ाने वाली समिति में वित्त मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री सदस्य है। जानकारी के अनुसार बजराज हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में विधायकों के वेतन भत्ते मध्यप्रदेश से अधिक है। इससे पहले मध्य प्रदेश में विधायकों का वेतन साल 2016 में बढ़ाया गया था। 1972 से प्रदेश में विधायकों के वेतन भत्ते जिए जा रहे हैं। तब उन्हें 200 रुपये मासिक वेतन मिलता था अभी ₹1 लाख 10 हजार वेतन मिलता है। यानी प्रदेश में बीते 50 साल में विधायकों का वेतन 550% बड़ा है।

विधायकों को मिलने वाले वेतन-भत्ते की जानकारी
मध्यप्रदेश में विधायकों को मिलने वाले वेतन भत्ते में वेतन "₹30000, निर्वाचन भत्ता ₹35000, टेलीफोन खर्च ₹10000, चिकित्सा भत्ता ₹10000, सामग्री खरीदी ₹10000, अर्दली भत्ता ₹10000 और इसके अलावा अन्य ₹5000" दिए जाते हैं।

सीएम और कैबिनेट मंत्रियों को मिलते हैं इतने लाख
वहीं मध्य प्रदेश में सीएम और मंत्रिमंडल के वेतन भत्तों की बात की जाए तो जानकारी के अनुसार एमपी में 230 विधायकों में से 31 मंत्री है। मंत्रियों को वेतन सामान्य प्रशासन विभाग देता है। मुख्यमंत्री को ₹2 लाख तो कैबिनेट मंत्रियों को ₹ 1 लाख 70 रुपये व राज्य मंत्रियों को ₹1 लाख 45 हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा विधायकों का वेतन भुगतान विधानसभा से ही होता है। ₹1 लाख 10 रुपये का वेतन दिया जाता है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष को एक लाख 87 हजार रुपए का वेतन मिलता है। अगर कुल वेतन की बात करें तो हर महीने 2 करोड़ 14 लाख रुपए का खर्चा आता है। प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद एक करोड़ रुपए हर महीने अतिरिक्त भार आएगा।

11 साल बाद निगम में बढ़ा है मेयर का वेतन
विधायक वेतन भत्ता एवं पेंशन पुनरीक्षित समिति के अध्यक्ष दार नाथ शुक्ला का कहना है कि मध्यप्रदेश में विधायकों का वेतन अन्य राज्यों के विधायकों से कम है। बता दे बिहार गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, असम और झारखंड में मध्यप्रदेश से अधिक विधायकों का वेतन दिया जाता है।
मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में चुनाव होना है ऐसे में सरकार हर वर्ग को खुश करने में लगी हुई है। इससे पहले नगर निगम के महापौर का मानदेय बढ़ाया गया। सरपंचों का भी मानदेय बढ़ाया गया। जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है इनका भी मानदेय दुखना कर दिया गया है।अब इन्हें 1 लाख रुपये मिलेंगे अभी तक मानदेय और बच्चों के साथ ने लगभग 30 से ₹40 हजार मिल पाते थे।












Click it and Unblock the Notifications