CM हेल्पलाइन 181 पर झूठी शिकायतें करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दी जानकारी
MP News: पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान विभाग में चल रहे कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे पंचायत भवन विहीन 1,400 ग्राम पंचायतों के लिए पहले चरण में भवनों की स्वीकृति जारी की जा रही है। इसके साथ ही, स्थानीय ग्रामीण समुदाय के लिए सामुदायिक भवनों का भी चरणबद्ध निर्माण किया जाएगा।

पटेल ने महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत श्रम सामग्री के अनुपात के बदलाव की जानकारी दी। अब यह जिला स्तर के बजाय जनपद स्तर पर संधारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 25 लाख रुपये तक के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति अब सरपंचों को दी गई है, और तकनीकी स्वीकृति के लिए सहायक यंत्री को अधिकृत किया गया है। सहायक यंत्री की तकनीकी स्वीकृति सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई है।
मंत्री ने यह भी बताया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कपिलधारा की इकाई लागत राशि और पेयजल के लिए सामुदायिक कूप की लागत में अंतर को युक्तिकृत करने का अनुरोध किया गया है, जिस पर विचार किया जाएगा। पंचायत राज ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के दुरुपयोग से संबंधित आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि सरपंचों के खिलाफ शिकायतों में पारदर्शिता बनी रहे।

181 पर झूठी शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन 181 पर झूठी शिकायतें दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोक सेवा प्रबंधन विभाग से संवाद किया गया है। मंत्री ने बताया कि सरपंचों के प्रति अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया में सुधार किया गया है, जिससे नगरीय निकायों की तरह पंचायतों में भी तीन चौथाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकेगा।
पटेल ने कहा कि रोजगार सहायक और सचिव की एसीआर लिखने का अधिकार अब सरपंचों को दिया गया है। इसके अलावा, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 22 के अंतर्गत सरपंचों को जनपद पंचायत में रोस्टर के अनुसार 20% प्रतिवर्ष बुलाने के प्रावधान का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।












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