दतिया में फेसबुक पोस्ट से सियासी बवाल: अनीता लोहिया का दावा- "मेरा अकाउंट हैक हुआ", बीजेपी का थाना घेराव
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मंगलवार को एक फेसबुक पोस्ट ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। अनीता लोहिया नाम की महिला के फेसबुक अकाउंट से पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ आपत्तिजनक और गंभीर आरोपों वाली पोस्ट वायरल हो गई।
इस पोस्ट को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने का घेराव कर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, अनीता लोहिया ने दावा किया कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था और पोस्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले ने दतिया में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया है।

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मंगलवार सुबह अनीता लोहिया के नाम से एक फेसबुक पोस्ट सामने आई, जिसमें पूर्व गृह मंत्री और दतिया से बीजेपी नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए गए थे। पोस्ट में मिश्रा के चरित्र और कार्यशैली पर सवाल उठाए गए, जो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पोस्ट को दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे मिश्रा की छवि खराब करने की साजिश करार दिया और विधायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे और विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह पोस्ट न केवल नरोत्तम मिश्रा का अपमान है, बल्कि यह दतिया की राजनीति को गंदा करने की कोशिश भी है। बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाहा ने कहा, "जो नेता राजनीति में असफल हो जाते हैं, वे ऐसी ओछी हरकतों पर उतर आते हैं। यह पोस्ट नरोत्तम मिश्रा के चरित्र पर हमला है और यह महिलाओं के प्रति गलत सोच को भी दर्शाता है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।"
अनीता लोहिया का बयान: "मेरा अकाउंट हैक हुआ"
विवाद बढ़ने के बाद अनीता लोहिया अपने पति के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आईं और पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि वह उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एट की रहने वाली हैं और उनकी फेसबुक आईडी हैक कर ली गई थी। अनीता ने कहा, "किसी ने मेरे अकाउंट का दुरुपयोग कर नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी।" उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को एक धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय नेता बताते हुए कहा कि इस तरह के आरोप "नीच सोच" को दर्शाते हैं।
अनीता के इस बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया। उनके दावे ने यह सवाल उठाया कि क्या यह पोस्ट किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, या यह साइबर अपराध का मामला है। अनीता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही, जिसके बाद यह मामला अब साइबर सेल की जांच के दायरे में आ गया है।
पुलिस की कार्रवाई: साइबर सेल को सौंपा गया मामला
दतिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज वर्मा ने बताया कि अनीता लोहिया का बयान दर्ज कर लिया गया है और मामला साइबर सेल को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, "हम इस मामले की गहन जांच करेंगे। अनीता लोहिया ने दावा किया है कि उनका अकाउंट हैक हुआ था। साइबर सेल इसकी तकनीकी जांच करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।" अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुनील शिवहरे ने भी पुष्टि की कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और जल्द ही सच सामने आएगा।
पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को शांत करने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच, कांग्रेस विधायक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार, विधायक ने अपने करीबियों को बताया कि उन्हें पोस्ट की सत्यता की जानकारी नहीं थी, और इसे शेयर करना एक भूल थी।
बीजेपी का हमला: "कांग्रेस की साजिश"
बीजेपी ने इस मामले को कांग्रेस की साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा एक प्रभावशाली नेता हैं, और उनकी छवि खराब करने के लिए यह सुनियोजित प्रयास किया गया। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष ने कहा, "कांग्रेस अपनी हार से बौखला गई है। नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में विकास और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस तरह की पोस्ट उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश है।"
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला दतिया की स्थानीय राजनीति में पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकता है। नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र भारती के बीच पहले भी कई बार सियासी तनातनी देखी गई है, और यह पोस्ट उसका नया अध्याय हो सकता है।
साइबर अपराध का कोण
अनीता लोहिया के अकाउंट हैक होने के दावे ने इस मामले को साइबर अपराध के दायरे में ला दिया है। हाल के वर्षों में मध्यप्रदेश में सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग के कई मामले सामने आए हैं, जिनका इस्तेमाल व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि खराब करने के लिए किया गया है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर हैकिंग आसान हो गई है, खासकर अगर यूजर कमजोर पासवर्ड या अनसुरक्षित लिंक का इस्तेमाल करता है।
साइबर सेल के एक अधिकारी ने बताया, "हम अनीता लोहिया के अकाउंट की लॉगिन डिटेल्स, आईपी एड्रेस, और पोस्ट की टाइमलाइन की जांच करेंगे। अगर यह हैकिंग का मामला है, तो हम यह पता लगाएंगे कि यह कब और कहां से किया गया।" पुलिस ने यह भी कहा कि अगर यह साजिश साबित हुई, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
यह विवाद दतिया में सामाजिक और राजनीतिक माहौल को गर्मा रहा है। नरोत्तम मिश्रा दतिया में एक मजबूत जनाधार वाले नेता हैं, और उनके समर्थकों ने इस पोस्ट को उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है, जिसमें कुछ लोग इसे सियासी साजिश बता रहे हैं, तो कुछ इसे साइबर अपराध का मामला मान रहे हैं।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राजेंद्र भारती ने जल्दबाजी में पोस्ट शेयर की, और उन्हें इसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए थी। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।












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