MP News: भोपाल में वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति रद्द, मोती मस्जिद के पास हुआ शांतिपूर्ण विरोध
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शुक्रवार को उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब वक्फ संशोधन बिल 2023 के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को प्रशासन ने अंतिम क्षणों में अनुमति देने से इनकार कर दिया।
मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन ऐन मौके पर अनुमति रद्द होने से मामला गर्मा गया।

कमेटी ने इस बिल को धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के ख़िलाफ़ बताया और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया था। पहले प्रदर्शन इकबाल मैदान में आयोजित होना था, लेकिन जब प्रदर्शनकारियों को जानकारी मिली कि अनुमति रद्द हो चुकी है, तो वे लौट गए। इसके बाद कुछ सदस्यों ने मोती मस्जिद के पास की सड़क पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम
प्रशासन को प्रदर्शन की संवेदनशीलता का आभास पहले से था, इसलिए भोपाल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को मौके पर तैनात किया गया था। दोपहर की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग इकबाल मैदान क्षेत्र में एकत्रित हुए, लेकिन अनुमति रद्द होने की सूचना मिलते ही वे शांतिपूर्वक लौट गए।
हालांकि, कुछ समय बाद करीब 50 से 60 लोगों का समूह मोती मस्जिद के पास जमा हुआ और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताया। उन्होंने संविधान की प्रतियाँ हाथ में लेकर और वक्फ बिल विरोधी पोस्टर दिखाकर प्रदर्शन किया।
"रात में अचानक अनुमति रद्द कर दी गई" - कमेटी का आरोप
मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के रवैये पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि, "प्रदर्शन की अनुमति हमें पहले से दी गई थी। हमने सारी तैयारियाँ प्रशासन के बताए निर्देशों के अनुसार की थीं। लेकिन गुरुवार देर रात अचानक हमें सूचित किया गया कि प्रदर्शन की इजाज़त अब नहीं है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।"
प्रशासन ने दी सफाई, पुलिस का कहना - इकबाल मैदान में अनुमति नहीं दी जाती
भोपाल पुलिस ने अपने पक्ष में कहा कि इकबाल मैदान एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां पिछले कुछ समय से किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों ने कहा, "सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया। प्रदर्शनकारियों से पहले ही आग्रह किया गया था कि वे वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन करें।"
शांतिपूर्ण रहा विरोध, कानून-व्यवस्था बनी रही सामान्य
मोती मस्जिद क्षेत्र में हुआ यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। किसी तरह की झड़प, नारेबाजी या अराजकता की सूचना नहीं मिली। उपस्थित लोगों ने महज़ कुछ मिनटों तक विरोध दर्ज कराते हुए शांतिपूर्वक कार्यक्रम समाप्त किया।
कमेटी का दो टूक: "हम आवाज़ उठाते रहेंगे"
प्रदर्शन के बाद कमेटी के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, "हमने कोई हिंसा नहीं की, कोई तोड़फोड़ नहीं की। हम सिर्फ अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। यह सिर्फ वक्फ बिल का मामला नहीं है, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद से जुड़ा मसला है। हम आगे भी शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी बात रखते रहेंगे।"
वक्फ बिल को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं
वक्फ संशोधन विधेयक 2023 को लेकर देश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा चिंता जाहिर की गई है। उनका कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है और धार्मिक संस्थानों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ा सकता है। वहीं, सरकार का तर्क है कि यह संशोधन पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए जरूरी है।












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