MP News: CM मोहन यादव के सामने 10 खूंखार नक्सलियों ने क्यों किया सरेंडर, जानिए पूरी कहानी, 4 महिलाएं भी शामिल
MP Naxalites News: मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी कामयाबी! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने बालाघाट जिले में 10 खूंखार नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
इनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों में SZCM (स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर), ACM (एरिया कमेटी मेंबर) और PM (प्लाटून मेंबर) जैसे उच्च पदों पर सक्रिय रहे कुख्यात नाम हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हिंसा, लूट, धमकी और हथियारबंद वारदातों के कई मामले दर्ज थे।

नक्सलियों ने पुलिस के हवाले भारी मात्रा में हथियार जमा किए:
- - AK-47 राइफल: 2
- - INSAS राइफल: 2
- - SLR: 1
- - सिंगल शॉट राइफल (SSR): 2
- - BGL सेल: 7
- - वॉकी-टॉकी सेट: 4
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "यह सरकार की सख्त नीति, विकास योजनाओं की पहुंच और पुनर्वास पैकेज का असर है। हमारा लक्ष्य 2026 तक मध्य प्रदेश को पूरी तरह नक्सल-मुक्त करना है।"
आत्मसमर्पण का पूरा घटनाक्रम: CM के सामने हथियार डाले, पुनर्वास नीति का असर
आत्मसमर्पण कार्यक्रम बालाघाट के पुलिस ग्राउंड में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गृह मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, डीजीपी सुधीर सक्सेना और बालाघाट कलेक्टर-स्पेशल फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे। नक्सलियों ने एक-एक कर हथियार जमा किए और संविधान की शपथ ली।
आत्मसमर्पित नक्सलियों में प्रमुख नाम:
- एक SZCM (स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर) - छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर सक्रिय।
- दो ACM - बालाघाट-राजनांदगांव क्षेत्र के कमांडर।
- 4 महिला नक्सली - प्लाटून मेंबर, लेवी वसूली और IED प्लांटिंग में शामिल।
- बाकी PM और मिलिशिया मेंबर।
इन पर 50 लाख से अधिक का इनाम था। सभी ने कहा, "पुलिस का दबाव, गांवों में विकास और परिवार की चिंता से हम मुख्यधारा में लौट रहे हैं।"
सरकार की नीति का असर: दबाव + विकास + पुनर्वास = नक्सल मुक्ति
मोहन यादव सरकार ने 2023 से नक्सल उन्मूलन के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई:
1. सुरक्षा दबाव: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और हॉक फोर्स की 500+ कार्रवाइयां, 50+ नक्सली मारे गए/गिरफ्तार।
2.विकास पहुंच: बालाघाट-मंडला में PMGSY सड़कें, बिजली, स्कूल, अस्पताल पहुंचे। Eklavya मॉडल स्कूल और जनमन योजना से आदिवासी गांव मुख्यधारा में।
3. पुनर्वास पैकेज:
- 5-15 लाख नकद।
- जमीन, मकान, रोजगार।
- परिवार को सुरक्षा और पेंशन।
- 2025 में 50+ नक्सलियों ने सरेंडर किया।
गृह मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, "2023 से अब तक 120+ नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। 2026 तक MP नक्सल-मुक्त होगा।"
बालाघाट: नक्सल हॉटस्पॉट से मुक्ति की ओर
बालाघाट लंबे समय से छत्तीसगढ़ बॉर्डर का नक्सल हॉटस्पॉट रहा। 2024-25 में 30+ मुठभेड़ हुईं। लेकिन विकास और सरेंडर नीति से नक्सली हताश। आज का सरेंडर सबसे बड़ा ग्रुप सरेंडर है।
राजनीतिक असर: 2028 चुनाव से पहले BJP की बड़ी जीत
कांग्रेस ने इसे "पुरानी नीति का असर" बताया, लेकिन भाजपा ने क्रेडिट लिया। CM यादव ने कहा, "कांग्रेस के समय नक्सली बढ़े, हमने खत्म किए।" आदिवासी वोटरों में BJP का प्रभाव बढ़ेगा।
नक्सल मुक्ति का नया अध्याय
10 नक्सलियों का सरेंडर मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के अंत की शुरुआत है। हथियार जमा, परिवार मुख्यधारा में - यह सरकार की नीति की जीत है। बालाघाट अब शांति की ओर। वनइंडिया हिंदी अपडेट लाता रहेगा।
( रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी संवाददाता )












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