Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

National Herald Case: ED की चार्जशीट के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, जीतू पटवारी का प्रतीकात्मक वार

National Herald Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रतीकात्मक रूप से पिंजरे में तोता लेकर ED के भोपाल कार्यालय पहुंचकर इस कार्रवाई को "अलोकतांत्रिक" और "राजनीतिक बदले की भावना" से प्रेरित बताया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे "मोटी चमड़ी वाली पार्टी" करार दिया।

National Herald Case Congress target against ED chargesheet in Bhopal Jitu Patwari

इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति देखी गई, जिसमें कार्यकर्ताओं को ED कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए और मुख्य गेट बंद कर दिया।

प्रदर्शन का घटनाक्रम, तपती धूप में सड़क पर लेटे कार्यकर्ता

बुधवार सुबह भोपाल के ED कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हुआ। सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता नारेबाजी करते हुए ED की कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे। PCC प्रमुख जीतू पटवारी ने प्रदर्शन की अगुआई की और एक पिंजरे में तोता लेकर आए, जिसे उन्होंने "ED की राजनीतिक दासता" का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "यह तोता उस ED का प्रतीक है, जो केंद्र सरकार के इशारे पर नाच रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ यह कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है।"

पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर ED कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया और बैरिकेड्स लगा दिए। जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद गुस्साए कार्यकर्ता तपती धूप में सड़क पर ही लेट गए और "ED की गुंडागर्दी बंद करो", "मोदी सरकार हाय-हाय" जैसे नारे लगाए। कई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और ED पर निशाना साधते हुए इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" का हथियार बताया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

National Herald Case Congress target against ED chargesheet in Bhopal Jitu Patwari

National Herald Case, चार्जशीट का विवरण

ED ने 9 अप्रैल 2025 को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और अन्य कांग्रेस नेताओं, जिनमें सैम पित्रोदा और सुमन दुबे शामिल हैं, के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 3, 4, 44, 45, और 70 के तहत दायर की गई है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग और कंपनियों द्वारा अपराध की जिम्मेदारी से संबंधित आरोप शामिल हैं। विशेष जज विशाल गोगने ने चार्जशीट की समीक्षा की और मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल 2025 को तय की है।

ED का आरोप है कि सोनिया और राहुल गांधी, जो यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) में 38-38% शेयरधारक हैं, ने AJL की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया। एजेंसी का दावा है कि इस सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग की गई, जिसमें 18 करोड़ रुपये की फर्जी दान राशि, 38 करोड़ रुपये का फर्जी अग्रिम किराया, और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापन शामिल हैं। इसके अलावा, ED ने 11 अप्रैल को दिल्ली, मुंबई, और लखनऊ में AJL की 661 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

कांग्रेस का रुख "राजनीतिक बदले की कार्रवाई"

कांग्रेस ने ED की इस कार्रवाई को "राजनीतिक बदले की भावना" और "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया है। जीतू पटवारी ने भोपाल में प्रदर्शन के दौरान कहा, "12 साल पुराने इस केस में एक पैसे का लेन-देन नहीं हुआ है। यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी है, जिसमें कोई लाभांश नहीं बांटा जाता। फिर भी मोदी सरकार और ED इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बता रही है। यह केवल राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बदनाम करने की साजिश है।"

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना और सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना एक राज्य-प्रायोजित अपराध है, जो कानून के शासन की आड़ में किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की बदले की राजनीति है। कांग्रेस और इसका नेतृत्व इस धमकी से डरने वाला नहीं है। सत्यमेव जयते।"

National Herald Case

कांग्रेस ने पूरे देश में ED कार्यालयों और केंद्र सरकार के दफ्तरों के बाहर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। दिल्ली में AICC मुख्यालय (24, अकबर रोड) के बाहर हुए प्रदर्शन में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, और अन्य राज्यों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरने और नारेबाजी की।

बीजेपी और सीएम मोहन यादव का पलटवार

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस मोटी चमड़ी वाली पार्टी है। इनके नेताओं पर भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोप हैं, फिर भी ये सड़कों पर नौटंकी कर रहे हैं। ED और कानून अपना काम कर रहे हैं। अगर कांग्रेस को लगता है कि वे निर्दोष हैं, तो कोर्ट में जवाब दें, सड़क पर ड्रामा क्यों?" उन्होंने आगे कहा कि नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच को मंजूरी दी है, इसलिए कांग्रेस का यह कहना कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है, बेतुका है।

बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "सोनिया और राहुल गांधी इस मामले में 2015 से जमानत पर हैं। उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कानून अपना काम कर रहा है, और कांग्रेस इसे बदले की राजनीति कहकर जनता को गुमराह कर रही है।"

नेशनल हेराल्ड केस का पृष्ठभूमि

नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह अखबार AJL द्वारा प्रकाशित किया जाता था, जो बाद में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में आ गया। 2014 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सोनिया और राहुल गांधी ने यंग इंडियन के जरिए AJL की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया। स्वामी ने इसे धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया।

ED ने 2021 में इस मामले की जांच शुरू की थी। 2022 में सोनिया गांधी से 11 घंटे और राहुल गांधी से 40 घंटे तक पूछताछ की गई थी। ED का दावा है कि AJL ने 2008 में प्रकाशन बंद कर दिया था और उस पर कांग्रेस पार्टी का 90.21 करोड़ रुपये का कर्ज था। इस कर्ज को AICC ने यंग इंडियन को 50 लाख रुपये में बेच दिया, जिसके बाद यंग इंडियन ने AJL के 99% शेयर हासिल कर लिए। ED का आरोप है कि यह सौदा संपत्तियों को कम कीमत पर हासिल करने की साजिश थी।

कांग्रेस का कहना है कि यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी है, जिसका उद्देश्य नेशनल हेराल्ड के प्रकाशन को पुनर्जनन करना था। पार्टी ने दावा किया कि कोई व्यक्तिगत संपत्ति हासिल नहीं की गई और कोई मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हुई।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस मामले ने देश भर में तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर #NationalHerald और #ED जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता और उनकी मुखर राजनीति से डरी बीजेपी की साजिश है। एक यूजर ने X पर लिखा, "राहुल गांधी जनता के मुद्दे उठाते हैं, इसलिए मोदी सरकार उन्हें निशाना बना रही है। नेशनल हेराल्ड केस में कोई सबूत नहीं, फिर भी चार्जशीट दाखिल की गई।"

वहीं, बीजेपी समर्थकों ने इसे कानून का पालन बताया। एक यूजर ने लिखा, "कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। अब जब ED कार्रवाई कर रही है, तो ये लोग पीड़ित का कार्ड खेल रहे हैं।" सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए चिंता जताई है।

आगे की राह

ED की चार्जशीट और संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया ने नेशनल हेराल्ड केस को और जटिल बना दिया है। 25 अप्रैल को दिल्ली कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान लेता है, तो सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा शुरू हो सकता है, जिसमें सात साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेगी। पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शनों के जरिए जनता के बीच अपनी बात रखने की रणनीति बनाई है। दूसरी ओर, बीजेपी का कहना है कि यह मामला कानूनी है और कांग्रेस को कोर्ट में जवाब देना चाहिए।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+