MP News: “15% हर महीना पक्का मुनाफा” का लालच देकर मां-बेटे ने उड़ाए करोड़, 7 महीने टिफिन बांटते रहे
नर्मदापुरम। "शेयर मार्केट में पैसा लगाओ, हर महीने 15% मुनाफा पक्का!"ये सुनकर सैकड़ों लोग झांसे में आ गए और जिसने ये बात कही, वो थी एक मां और उसका नाबालिग बेटा। नाम: कसीदा बानो और उसका 17 साल का बेटा।
- कंपनी: प्रॉफिट बुल।
- ऑफिस: नर्मदापुरम का पॉश आरसीसी मॉल।
- और नतीजा: 5 से 7 करोड़ की ठगी, दर्जनों परिवार बर्बाद।
- लेकिन अब खेल खत्म। पुलिस ने मां-बेटे को रंगे हाथों पकड़ लिया।

पहली शिकायत जिसने खोला पूरा पिटारा
17 मई 2025। मालाखेड़ी के मंगलमय परिसर निवासी मोहित सिंह राजपूत थाने पहुंचे। उनके पास रसीदें थीं - कुल 32 लाख 37 हजार रुपये। बोले - "कसीदा बानो और उसका बेटा लालच देकर ले गए। पहले दो-तीन महीने मुनाफा दिया, फिर ऑफिस बंद। दोनों फरार।" कोतवाली पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया।
7 महीने तक भोपाल में छिपकर टिफिन बांटते रहे
- पुलिस की 6 टीमें लगीं।
- मुखबिरों का जाल बिछा।
- आखिरकार खबर मिली -
"मां-बेटे भोपाल के कोलार में किराए का मकान लेकर टिफिन सेंटर चला रहे हैं। नाम-पता सब बदल लिया।"
मंगलवार रात 2 बजे टीम ने दबिश दी। टिफिन सेंटर का शटर बंद था। पुलिस ने आवाज लगाई - "टिफिन चाहिए।"
दरवाजा खुला और अगले ही पल दोनों हथकड़ी में।
करोड़ों की ठगी, अब पीड़ितों की लाइन लगी
गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, कोतवाली थाने में पीड़ितों का मेला लग गया। बुधवार शाम तक 22 और लोग पहुंचे।
- कोई बोला - "मैंने 18 लाख दिए थे।"
- कोई बोला - "मैंने 45 लाख।"
- कोई बोला - "मेरी सारी जमा-पूंजी 28 लाख डाल दी थी।"
- अब तक का अनुमान - कुल ठगी 5 से 7 करोड़ रुपये।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
- मां कसीदा बानो को सेंट्रल जेल।
- नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह।
- अब पुलिस उनकी बैंक डिटेल, प्रॉपर्टी और पूरा नेटवर्क खंगाल रही है।
- इन पुलिस वालों ने की सराहनीय भूमिका
एसडीओपी जितेन्द्र कुमार पाठक (नेतृत्व)
- थाना प्रभारी कंचन ठाकुर
- एसआई अनुज बघेल
- प्रधान आरक्षक रितेश यदुवंशी, पंकज यादव, रवि कुशवाह
- महिला आरक्षक प्रतीक्षा रघुवंशी और हरीश डिगरसे
पुलिस की अपील
कोतवाली टीआई कंचन ठाकुर ने कहा - "जिस-जिस ने भी इन मां-बेटे को पैसा दिया है, बिना डरे थाने आएं। हम आपका एक-एक पैसा वापस दिलवाएंगे।" एक ठगी का पर्दाफाश हुआ। लेकिन सवाल अभी भी वही है - क्या हम "गारंटीड रिटर्न" के लालच से कभी सीखेंगे? या फिर अगला "प्रॉफिट बुल" कहीं और खड़ा होगा?
नर्मदापुरम की जनता अभी रो रही है। मां जेल में, बेटा बाल सुधार गृह में। अब उम्मीद सिर्फ पुलिस से है कि सारे पीड़ितों का पैसा वापस आए।












Click it and Unblock the Notifications