नर्मदापुरम के केसला में शिवराज सिंह ने कहा कि अब नया जमाना आएगा, कमाने वाला खाएगा और लूटने वाला जाएगा

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पेसा जागरूकता सम्मेलन के माध्यम से आदिवासी जनजाति लोगों को पेसा एक्ट के बारे में बताना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा पुरम के केसला में पैसा जागरूकता सम

मध्य प्रदेश में पेसा एक्ट लागू करने के बाद अब सरकार इसके प्रचार-प्रसार में लग गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पेसा जागरूकता सम्मेलन के माध्यम से आदिवासी जनजाति लोगों को पेसा एक्ट के बारे में बताना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा पुरम के केसला में पैसा जागरूकता सम्मेलन में आदिवासी जनजाति लोगों को संबोधित किया। इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों को पेसा एक्ट अधिकार संपन्न बना रहा है। यह प्रदेश के 89 जनजातीय ब्लॉकों में लागू किया जा रहा है। पेसा एक्ट किसी के खिलाफ नहीं है। न सामान्य वर्ग के खिलाफ है। न ओबीसी के खिलाफ है। पेसा जनजातीय इलाकों में प्रभावी होगा, शहरों में लागू नहीं होगा।

ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी जनजातीय भाई-बहन की जमीन नहीं ली जा सकेगी : CM

ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी जनजातीय भाई-बहन की जमीन नहीं ली जा सकेगी : CM

सीएम शिवराज ने कहा कि पेसा जनजातीय इलाकों में प्रभावी होगा, शहरों में लागू नहीं होगा। पेसा जहां जहां लागू हो रहा है। वहां हर साल पटवारी और बीट गार्ड को ग्रामसभा में जनजातीय बंधुओं के बीच नक्शा, खसरा और बी1 की नकल रखनी पड़ेगी। अब यह कानून बन गया है। ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी जनजातीय भाई-बहन की जमीन नहीं ली जा सकेगी। जिसकी जमीन है, वही अब तय करेंगे कि उन्हें पुल, पुलिया, सड़क के लिए अपनी भूमि देनी है या नहीं।

राजस्व के रिकॉर्ड में गलती को ग्रामसभा ठीक करवाएगी : CM Shivraj

राजस्व के रिकॉर्ड में गलती को ग्रामसभा ठीक करवाएगी : CM Shivraj

सीएम शिवराज ने कहा कि अगर राजस्व के रिकॉर्ड में कोई गलती पाई जाती है तो ग्रामसभा उसको ठीक करवाएगी। भगवान ने जल,जमीन, जंगल सबके लिए बनाएं। लेकिन व्यवस्था ऐसी बन गई थी कि फायदा मुट्ठीभर लोग उठा रहे थे। पेसा के अंतर्गत हम जनजातियों की जमीन पर उन्हें अपना अधिकार दे रहे हैं। अब नया जमाना आएगा, कमाने वाला खाएगा और लूटने वाला जाएगा। गांवों का प्रबंधन अब ग्राम सभाएं करेंगी। अब आपके तालाबों का फैसला भी ग्राम सभाएं ही करेंगी और उससे होने वाली आमदनी पर भी आपका ही अधिकार होगा। अनुसूचित क्षेत्र में खदानों में पहला हक होगा जनजातीय सोसाइटी का, दूसरा हक होगा जनजातीय बहनों का और तीसरा हक होगा जो पुरुष अप्लाई करेंगे उनका। ताकि आपका अधिकार बना रहे और आप इसका लाभ उठा सकें।

 ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई बाहर का आदमी गांव में नहीं रह पाएगा : CM

ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई बाहर का आदमी गांव में नहीं रह पाएगा : CM

सीएम शिवराज ने बताया कि गांव से यदि किसी मजदूर को कोई बाहर ले जाएगा, तो उसे गांव में अपना परिचय लिखवाने के बाद ही ले जाने की अनुमति मिलेगी, ताकि किसी श्रमिक को कोई परेशान न कर सके। ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई बाहर का आदमी गांव में नहीं रह पाएगा। मनरेगा या बाकी कार्यों में सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी श्रमिक को देनी पड़ेगी। गांवों में शांति और विवाद निवारण समिति बनेगी, जिसे छोटे-मोटे विवादों को गांवों में ही निपटाने का अधिकार होगा। इस समिति में एक तिहाई सदस्य बहनें ही होंगी।

साहूकारों को बतानी होगी चुकाए गए ऋण की जानकारी

साहूकारों को बतानी होगी चुकाए गए ऋण की जानकारी

पेसा एक्ट में प्रावधान किया गया कि प्रदेश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी अब ग्रामसभा की होगी। ग्राम सभा ग्रामीणों के हित में स्थानीय रोजगार और वन संरक्षण के लिए काम करेगी। इन क्षेत्रों में साहूकारी करने वाले व्यक्ति द्वारा अपना लाइसेंस ग्रामसभा को बताना होगा। साथ ही जो ऋण चुकाया गया है उसकी जानकारी एसडीएम को हर 3 माह में देना होगी। अगर साहूकार के विरुद्ध शिकायत है तो ग्रामसभा जांच कर एसडीएम को कार्रवाई के लिए कहेगी।

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