जानिए मध्य प्रदेश में कब तक होगी बारिश, भोपाल में यू-टर्न लेते मौसम ने डैम गेट खोले, इंदौर में झमाझम बारिश
MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून का सफर अब अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, लेकिन जाते-जाते यह भीगो-भीगा अलविदा कहने को बेताब है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है, जबकि बाकी जिलों से 10 अक्टूबर तक पूर्ण विदाई की उम्मीद है। इससे पहले, कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर बना रहेगा।
अगले 3 दिनों (5-7 अक्टूबर) में बूंदाबांदी का अनुमान है, लेकिन यदि कोई सिस्टम मजबूत हुआ तो तेज बारिश के आसार भी। शनिवार को 15 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जिसमें भोपाल में झमाझम छींटें पड़ीं। इधर, मानसून के बाद भोपाल का मौसम यू-टर्न ले चुका - डैम गेट खुल गए, और तालाब लबालब।

इस सीजन में गुना सबसे ज्यादा भीगा (65.6 इंच), जबकि शाजापुर सबसे सूखा (28.9 इंच)। हमारी इस विस्तृत रिपोर्ट में हम मानसून विदाई की तारीख, बारिश अलर्ट, भोपाल डैम की स्थिति, जिला-वार बारिश आंकड़े और हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बीच जल प्रबंधन का विश्लेषण कर रहे हैं। क्या यह मानसून की विदाई का अंतिम अलविदा है, या नया सिस्टम विदाई टाल देगा?
मानसून की विदाई: 12 जिलों से अलविदा, 10 अक्टूबर तक पूर्ण विदा
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून ने 16 जून 2025 को दस्तक दी थी - सामान्य से एक दिन देरी से। अब, सितंबर-अक्टूबर के अंतिम दौर में विदाई का समय आ गया। प्रदेश के 12 जिलों - ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम - से मानसून विदा हो चुका। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी लौट चुका। बाकी जिलों से 10 अक्टूबर तक विदाई की संभावना।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है, "वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवातीय परिसंचरण के कारण 6 अक्टूबर तक हल्की-मध्यम बारिश बनी रहेगी। लेकिन 10 अक्टूबर तक पूर्ण विदाई। यदि नया सिस्टम बना, तो तारीख आगे खिसक सकती।" पिछले साल अक्टूबर मध्य तक विदाई हुई थी, लेकिन इस बार सितंबर के अंत में ही कई जिलों से लौट चुका।
अगले 3 दिनों का अलर्ट: बूंदाबांदी, तेज बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने 5-7 अक्टूबर के लिए हल्का अलर्ट जारी किया। अगले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, बैतूल, दतिया, छतरपुर (खजुराहो), रीवा, सागर, सतना, सीधी, उमरिया, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, देवास, आगर-मालवा में हल्की बूंदाबांदी। रविवार (6 अक्टूबर) को पूर्वी जिलों - छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, अनुपपुर - में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश।
यदि सिस्टम मजबूत हुआ, तो रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में 4-4.5 इंच तक भारी बारिश। IMD ने यलो अलर्ट जारी किया - वज्रपात और ठनका का खतरा। किसानों के लिए राहत, लेकिन फसलें सावधान।
भोपाल में यू-टर्न: मानसून के बाद तेज बारिश, तीनों प्रमुख डैम गेट खुले
मानसून विदाई के चार दिन बाद भोपाल का मौसम पलटा। शनिवार (4 अक्टूबर) दोपहर 3:30 बजे बादल छाए, फिर झमाझम बौछारें। रात 8:30 बजे तक 7 मिमी बारिश। इस सीजन में पहली बार तीन प्रमुख डैम - कोलार, कलियासोत और भदभदा - के गेट एक ही दिन खुले। कोलार का एक गेट सुबह 8 बजे खुला। रात 8:30 बजे भदभदा का गेट खुला, 8:40 बजे कलियासोत के दो गेट।
कलियासोत और भदभदा के गेट दसवीं बार खुले, लेकिन केरवा के ऑटोमैटिक गेट अभी बंद। जल संसाधन विभाग ने कहा, "बारिश से जलस्तर बढ़ा। निकासी से बाढ़ टाली।" भोपाल में जलभराव की शिकायतें, लेकिन डैम खुलने से राहत।
जिला-वार बारिश: गुना टॉप (65.6 इंच), शाजापुर बॉटम (28.9 इंच)
इस सीजन (16 जून से 4 अक्टूबर) में गुना में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश। मंडला-रायसेन में 62 इंच, श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच। सबसे कम: शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच), धार (33.6 इंच)। औसत: 1062.4 मिमी (सामान्य से 12% अधिक)। जबलपुर-शहडोल संभाग सबसे भीगा।












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