MP News: चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से 11 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, तेज आंधी-गरज के साथ बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान 'मोंथा' (Cyclone Montha) के कमजोर पड़ने के बाद भी उसके अवशेषों का असर राज्य पर दिखना शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज से 11 जिलों-श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर-में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा, तेज आंधी (30-50 किमी/घंटा), गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा का दौर पूरे प्रदेश में चलेगा। अगले चार दिनों (29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक) तक यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर में सक्रिय डिप्रेशन, राज्य के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और उत्तर मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से यह बदलाव हो रहा है। 'मोंथा' तूफान, जो कल (28 अक्टूबर) आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा तट पर लैंडफॉल के बाद कमजोर हो गया, अब उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मध्य भारत को प्रभावित कर रहा है। IMD के भोपाल केंद्र ने चेतावनी दी है कि इससे बाढ़, जलभराव और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
तीन सक्रिय सिस्टम: 'मोंथा' तूफान का लंबा साया
- मध्य प्रदेश का मौसम अब पूर्वी और दक्षिणी भारत से जुड़े चक्रवाती सिस्टम की चपेट में है। IMD के अनुसार- अरब सागर का डिप्रेशन: यह सिस्टम मजबूत हो रहा है और अगले 24 घंटों में और तीव्रता पकड़ सकता है, जिससे हवाओं की गति बढ़ेगी।
- ट्रफ लाइन: राज्य के करीब से गुजर रही यह ट्रफ बादलों को आकर्षित कर रही है, खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में।
- उत्तरी चक्रवाती परिसंचरण: राज्य के उत्तरी हिस्से में सक्रिय यह सर्कुलेशन हल्की वर्षा को बढ़ावा दे रहा है।
'मोंथा' तूफान, जो कल सुबह तक साइक्लोनिक स्टॉर्म के रूप में आंध्र प्रदेश के तट पर था, अब डिप्रेशन में बदल गया है। इसका केंद्र कल रात 2:30 बजे (IST) के आसपास 16.5°N, 81.5°E पर था, जो नरसापुर से 20 किमी दूर था। IMD ने बताया कि तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से को प्रभावित करेगा। 30-31 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश (जैसे बालाघाट, मंडला) में बहुत भारी वर्षा (7-11 सेमी) की संभावना है।
कल (28 अक्टूबर) को राज्य के 7 जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल और इंदौर में धूल भरी आंधी चली। ग्वालियर, शिवपुरी और रतलाम में मध्यम से भारी बारिश हुई। आज सुबह भोपाल का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है, जो सामान्य से 4-5 डिग्री कम है।
11 जिलों में यलो अलर्ट: कहां-कहां होगी भारी बारिश?
IMD ने 29 अक्टूबर के लिए निम्नलिखित जिलों में भारी वर्षा (7-11 सेमी तक) का अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अगले चार दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें 30 अक्टूबर को सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका है:
- जिला,अलर्ट का प्रकार,संभावित वर्षा (सेमी),अतिरिक्त प्रभाव
- श्योपुर,यलो (भारी बारिश),7-11,तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा)
- मुरैना,यलो (भारी बारिश),7-11,"गरज-चमक, बिजली गिरने का खतरा"
- बुरहानपुर,यलो (भारी बारिश),7-11,हल्की बाढ़ की संभावना
- बैतूल,यलो (भारी बारिश),7-11,"तेज हवाएं, सड़कें फिसलन भरी"
- छिंदवाड़ा,यलो (भारी बारिश),7-11,वन क्षेत्रों में जलभराव
- पांढुर्णा,यलो (भारी बारिश),7-11,आंधी के साथ ओलावृष्टि संभव
- सिवनी,यलो (भारी बारिश),7-11,नदियों का जलस्तर बढ़ना
- मंडला,यलो (भारी बारिश),7-11 (बहुत भारी 30-31 को),आदिवासी क्षेत्र प्रभावित
- बालाघाट,यलो (भारी बारिश),7-11 (बहुत भारी 30-31 को),भूस्खलन का जोखिम
- डिंडौरी,यलो (भारी बारिश),7-11,"हल्की बाढ़, फसलें प्रभावित"
- अनूपपुर,यलो (भारी बारिश),7-11 (बहुत भारी 30-31 को),कोयला खदानों में जलभराव
बाकी जिलों (जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर) में हल्की वर्षा, गरज-चमक और आंधी (30-40 किमी/घंटा) का असर रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश (सतना, रीवा, सिद्धी, शहडोल) में बहुत भारी वर्षा (4-8 इंच) की चेतावनी है।
अगले चार दिनों का पूर्वानुमान: कब-कहां बरसेंगे बादल?
- 29 अक्टूबर (आज): 11 जिलों में भारी बारिश, बाकी में हल्की। हवाएं 40-50 किमी/घंटा।
- 30 अक्टूबर: सबसे तीव्र दिन-पूर्वी MP (बालाघाट, मंडला, अनूपपुर) में बहुत भारी वर्षा। छत्तीसगढ़ से सटा क्षेत्र सबसे प्रभावित।
- 31 अक्टूबर: वर्षा का दौर जारी, लेकिन तीव्रता कम। बिहार-झारखंड में भी असर।
- 1 नवंबर: हल्की वर्षा, मौसम साफ होने की शुरुआत।
IMD ने चेतावनी दी है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेमी से अधिक) हो सकती है, जो MP के पूर्वी जिलों को भी छूएगी।
सावधानियां और प्रभाव: किसानों-यात्रियों के लिए सलाह
- किसान: फसलें (धान, सोयाबीन) प्रभावित हो सकती हैं। निचले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था करें।
- यात्री: तेज आंधी से दुर्घटनाओं का खतरा। उड़ानें/ट्रेनें प्रभावित-आज 122 ट्रेनें रद्द, 29 रीशेड्यूल।
- सामान्य नागरिक: बिजली गिरने से बचें, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें। IMD ऐप पर अपडेट चेक करें।
- स्वास्थ्य: ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम का खतरा। गर्म कपड़े पहनें।
मौसम विभाग ने कहा कि यह सिस्टम 2 नवंबर तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद उत्तर भारत के वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखेगा। मध्य प्रदेश में मानसून भले ही विदा हो गया हो, लेकिन 'मोंथा' ने एक अनचाहा 'गिफ्ट' दे दिया है। अधिक अपडेट के लिए IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in देखें। क्या यह बारिश राहत बनेगी या परेशानी? आने वाले दिन बताएंगे।












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