Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: SIR फॉर्म न भरने पर नाम कटने का खतरा, झूठी जानकारी पर 1 साल की जेल या जुर्माना, जानें बचाव के उपाय

मध्य प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान ने मतदाताओं में हड़कंप मचा दिया है। चुनाव आयोग के इस बड़े कदम का मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है, लेकिन फॉर्म न भरने या गलत जानकारी देने पर सख्त सजाएं हो सकती हैं।

अगर आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया, तो अगले चुनाव में वोट डालना मुश्किल हो जाएगा। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि झूठी जानकारी देने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत 1 साल तक की जेल या जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। आइए, जानते हैं SIR की पूरी प्रक्रिया, संभावित जोखिम और इससे बचने के तरीके।

mp sir form na bharne par naam katne ka khatra jhoothi jankari par jail poori process bachav upay

SIR क्या है और क्यों चलाया जा रहा है?

चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) द्वारा शुरू किया गया SIR एक विशेष अभियान है, जो मतदाता सूची को डुप्लिकेट, मृत या स्थानांतरित नामों से मुक्त करने के लिए घर-घर सत्यापन पर आधारित है। मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रही है। राज्य में करीब 5.74 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा रहा है।

इसका मुख्य उद्देश्य:

  • डुप्लिकेट या गलत नाम हटाना।
  • मृत मतदाताओं या स्थानांतरित लोगों के नाम काटना।
  • नए पात्र मतदाताओं (18 वर्ष से ऊपर) को जोड़ना।
  • 2003 की आधार सूची से मिलान कर सूची को शुद्ध बनाना।

ECI के अनुसार, यह अभियान आगामी विधानसभा चुनावों (2028) से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। मध्य प्रदेश में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) बांट रहे हैं। अगर BLO न पहुंचे, तो आप ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।

SIR प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप गाइड

चरण,विवरण,तारीख

  • घर-घर सत्यापन (Enumeration Phase),"BLO घर जाकर फॉर्म बांटेंगे और सत्यापन करेंगे। अगर कोई घर पर न हो, तो परिवार का सदस्य साइन कर सकता है।",4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी,प्रारंभिक सूची ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसमें नाम न आने पर चेक करें।,9 दिसंबर 2025
  • दावा-आपत्ति विंडो,"नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए आवेदन। दस्तावेज सत्यापन होगा।",9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
  • अंतिम सूची प्रकाशन,फाइनल वोटर लिस्ट जारी।,7 फरवरी 2026

फॉर्म कैसे भरें?

BLO दो प्रतियों का प्री-फिल्ड फॉर्म लाएंगे। नाम, पता, EPIC नंबर आदि पहले से भरे होंगे। अगर कोई बदलाव हो, तो गलती को काटकर सही जानकारी लिखें और साइन करें। BLO को वापस दें और रसीद लें।

ऑनलाइन विकल्प: अगर BLO न आए, तो voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर से लॉगिन करें। फॉर्म 6 (नया नाम जोड़ने के लिए) या अन्य फॉर्म भरें। आधार को केवल पहचान के लिए इस्तेमाल करें, नागरिकता प्रमाण के रूप में नहीं।
जरूरी दस्तावेज: सत्यापन के लिए 11 दस्तावेज मान्य हैं, जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN कार्ड, आधार (केवल ID के लिए), राशन कार्ड, बैंक पासबुक आदि। दस्तावेज जमा न करें, केवल दिखाएं।

SIR फॉर्म न भरने पर क्या हो सकता है?

अगर आप SIR में सहयोग नहीं करेंगे या फॉर्म सही तरीके से नहीं भरेंगे, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ECI ने साफ कहा है कि यह प्रक्रिया अनिवार्य है। मुख्य जोखिम:

नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर सत्यापन में सहयोग न किया या फॉर्म न भरा, तो ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं आएगा। इससे अंतिम सूची में भी नाम कट सकता है। मध्य प्रदेश में हजारों नाम कटने की आशंका है। उदाहरण के लिए, अगर BLO तीन बार आए और कोई सत्यापन न हो, तो नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
वोटिंग अधिकार पर असर: नाम कटने पर अगले चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे। नए वोटर (18+) का नाम जोड़ना और मुश्किल हो जाएगा।
दावा-आपत्ति का मौका: नाम कटने पर 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक फॉर्म 7 भरकर अपील कर सकते हैं, लेकिन देरी से बचें।

ECI ने जोर दिया है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष है, लेकिन असहयोग पर नाम हटाना अंतिम विकल्प है।

झूठी जानकारी देने पर सजा: आयोग की सख्त चेतावनी

SIR फॉर्म में गलत या भ्रामक जानकारी देना अपराध माना गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है:

  • सजा का प्रावधान: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत, मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट नाम पर गलत जानकारी देने पर 1 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकता है।
  • दोहरे पंजीकरण पर सख्ती: एक ही व्यक्ति दो जगह फॉर्म भरता है, तो भी यही सजा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कई केस दर्ज हो चुके हैं।
  • BLO की जिम्मेदारी: BLO भी गलत सत्यापन पर धारा 32 के तहत दंडित हो सकता है।

उदाहरण: अगर कोई मृत रिश्तेदार का नाम बनाए रखने के लिए झूठ बोलता है, तो FIR दर्ज हो सकती है। आयोग ने टोल-फ्री नंबर 1950 पर शिकायत दर्ज करने को कहा है।

BLO की लापरवाही: हरदा जिले में 9 BLO को नोटिस

SIR प्रक्रिया में BLO की भूमिका अहम है, लेकिन लापरवाही पर प्रशासन सख्त है। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में 9 BLO को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कारण: प्रशिक्षण में अनुपस्थिति और सत्यापन में देरी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा, "BLO को 2 दिनों में जवाब देना होगा, वरना आगे कार्रवाई।"

इसी तरह, छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाड़ी जिले में 7 BLO को नोटिस मिले हैं। मध्य प्रदेश में कुल 208 BLO को हाल ही में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें अनुपस्थित लोगों पर कार्रवाई हो रही है। ECI ने राज्य स्तर पर 80,000 BLO तैनात किए हैं, जो 1,000-1,200 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।

मतदाताओं के लिए सलाह: कैसे बचें जोखिम से?

BLO का इंतजार न करें: अगर 15 दिनों में BLO न आए, तो 1950 पर कॉल करें या ऑनलाइन चेक करें (voters.eci.gov.in)।
परिवार स्तर पर तैयारी: सभी सदस्यों के दस्तावेज इकट्ठा रखें। नए वोटर फॉर्म 6 भरें।
ड्राफ्ट सूची चेक करें: 9 दिसंबर को ceoelection.mp.gov.in पर नाम सर्च करें।
हेल्पलाइन: ECI ऐप डाउनलोड करें या 1950 पर संपर्क करें। राजनीतिक दल भी Booth Level Agents (BLA) के जरिए मदद कर रहे हैं।

विवाद और राजनीतिक रंग

SIR को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। बिहार में पहले चरण पर विवाद हुआ था, जहां 68 लाख नाम कटे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह "वोटर हटाओ अभियान" है। ECI ने स्पष्ट किया कि कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं, सब पारदर्शी है। सुप्रीम कोर्ट में भी PIL लंबित है।

आगे क्या?

SIR के बाद अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को जारी होगी, जो 2028 के चुनावों का आधार बनेगी। मध्य प्रदेश में अब तक 70% सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन शहरी इलाकों में देरी की शिकायतें हैं। अगर आपका नाम कट गया, तो घबराएं नहीं - दावा-आपत्ति विंडो में सुधार संभव है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए SIR जरूरी है, लेकिन जागरूक रहें। अपना फॉर्म भरें, वोट का हक बचाएं!

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+