MP राज्यसभा चुनाव में नया मोड़: BAP उतारेगी उम्मीदवार, कांग्रेस की टेंशन बढ़ी दिग्विजय सिंह वाली सीट पर रिस्क
MP Rajya Sabha Elections: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इन सीटों पर अप्रैल-मई 2026 में मतदान संभावित है, जबकि मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 19 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें दिग्विजय सिंह, एल. मुरुगन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं।
इसी बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने बड़ा दांव खेलते हुए राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है, जिससे चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।

कांग्रेस के पास संख्या बल, लेकिन खतरा बरकरार
230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। कांग्रेस के पास फिलहाल 63 विधायक हैं, जिससे उसकी स्थिति मजबूत दिखती है।
लेकिन हालिया घटनाओं ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है:
- अन्य राज्यों में क्रॉस वोटिंग के मामले
- कुछ विधायकों की नाराजगी
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते कुछ विधायकों के वोटिंग अधिकार प्रभावित
- इन सब वजहों से दिग्विजय सिंह की सीट पर खतरा मंडरा रहा है।
दूसरे राज्यों की क्रॉस वोटिंग से बढ़ी टेंशन
हाल के महीनों में कई राज्यों में क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए:
- हरियाणा: कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की
- ओडिशा: विपक्षी वोट बीजेपी को मिला
- बिहार: कई विधायक वोटिंग से दूर रहे
- हिमाचल प्रदेश: कांग्रेस में बगावत
इन उदाहरणों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी है।
BAP का बड़ा ऐलान: "हम भी उतारेंगे उम्मीदवार"
कमलेश्वर डोडियार, जो भारत आदिवासी पार्टी के इकलौते विधायक हैं, ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी भी राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेगी।
उन्होंने कहा कि"बीजेपी और कांग्रेस दोनों आदिवासी क्षेत्रों में जाकर वोट मांगते हैं, अब उन्हें आदिवासी उम्मीदवार को समर्थन देना चाहिए।" डोडियार ने साफ किया कि BAP की कोशिश है कि राज्यसभा में आदिवासी समाज की आवाज पहुंचे।
समर्थन की उम्मीद, लेकिन चुनौती बड़ी
BAP के सामने सबसे बड़ी चुनौती नॉमिनेशन के लिए जरूरी 10 विधायकों का समर्थन जुटाना है। पार्टी के पास सिर्फ 1 विधायक। बाकी समर्थन बीजेपी या कांग्रेस से ही मिल सकता है। अगर समर्थन नहीं मिला, तो BAP अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दांव दबाव की राजनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
दिग्विजय सिंह की सीट पर सबसे ज्यादा नजर
इस चुनाव में सबसे ज्यादा फोकस दिग्विजय सिंह की सीट पर है। कांग्रेस को सिर्फ एक सीट बचानी है। 5-6 वोट इधर-उधर होने पर समीकरण बदल सकते हैं। बीजेपी की दो सीटें लगभग सुरक्षित मानी जा रही हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र और जनादेश को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों का जिक्र करते हुए इसे जनता की जीत बताया।
क्या बदलेंगे समीकरण?
BAP का उम्मीदवार उतारने का फैसला:
आदिवासी राजनीति को नई दिशा दे सकता है। बीजेपी और कांग्रेस पर दबाव बढ़ा सकता है। क्रॉस वोटिंग की स्थिति में "किंगमेकर" भूमिका निभा सकता है
मध्य प्रदेश का राज्यसभा चुनाव अब सिर्फ संख्या का खेल नहीं, बल्कि रणनीति, गठबंधन और राजनीतिक संदेश का भी केंद्र बन गया है। BAP की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या कांग्रेस अपनी सीट बचा पाएगी? और क्या BAP को किसी बड़े दल का समर्थन मिलेगा?












Click it and Unblock the Notifications