MP News Agriculture Cabinet: मोहन यादव सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना, 27,746 करोड़ की योजनाएं मंजूर
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित करते हुए अपनी पहली कृषि कैबिनेट की बैठक जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी स्थित भीलट बाबा देवस्थल में आयोजित की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को विशेष रूप से कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रखा गया।
बैठक में अभूतपूर्व फैसले लिए गए, जिसमें कुल 27,746 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में बड़वानी जिले की दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,068 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई।

बैठक का आयोजन भीलट बाबा देवस्थल की तलहटी पर 8 एकड़ के गार्डन में किया गया, जिसे अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित करीब 25 मंत्री इस बैठक में शामिल हुए। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के साथ भीलट बाबा के दर्शन किए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया के भगोरिया हाट में शामिल हुए, जहां हजारों आदिवासी समाज के लोग जुटे थे।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले और स्वीकृत योजनाएं
किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि कैबिनेट में मुख्य रूप से निमाड़ अंचल के सात जिलों-खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर-के कृषि और विकास से जुड़े मुद्दों पर फोकस रहा। कैबिनेट ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए:
किसान कल्याण के लिए 16 योजनाओं को 25,678 करोड़ रुपये की मंजूरी: इन योजनाओं में फसल बोनस, भावांतर योजना का विस्तार, फसल विविधीकरण, बीज-खाद उपलब्धता, सिंचाई सुविधाएं और बाजार भाव पर विशेष प्रावधान शामिल हैं।
वरला और पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी: इन परियोजनाओं के लिए कुल 2,068 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। यह राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जाएगी।
सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने का फैसला: अब सरसों उत्पादकों को बाजार भाव कम होने पर अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।
- बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी: स्थापित करने का निर्णय।
- खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाने की योजना।
- नई मत्स्य पालन नीति: मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान।
महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी। भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय। नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा।
बैठक का विशेष महत्व और जनजातीय संदेश
यह प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट थी, जो जनजातीय अंचल में आयोजित हुई। बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, मत्स्य और संबंधित विभागों ने हिस्सा लिया। मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्र धारण किए, जिससे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि "खेत से बाजार तक किसानों की समृद्धि के लिए विस्तृत योजना बनाई जा रही है। जनजातीय अंचल के किसानों की समस्याओं पर विशेष फोकस है।"
किसानों और विपक्ष की प्रतिक्रिया
किसान संगठनों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस सौगात को लेकर जबरदस्त उत्साह है। होली के दौरान परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने से खुशी का माहौल बनेगा। किसान नेता कह रहे हैं कि सरसों को भावांतर में शामिल करना और मत्स्य पालन नीति में सब्सिडी बड़ा कदम है। वहीं विपक्ष ने कहा कि यह चुनावी सौगात है, और असल राहत कर्जमाफी, MSP पर खरीद और फसल बीमा क्लेम में तेजी से आएगी।
फिलहाल, 2 मार्च की इस ऐतिहासिक कृषि कैबिनेट से निकले फैसले प्रदेश के किसानों में उम्मीद जगाएंगे। बैठक के फैसले जल्द ही लागू होने की संभावना है, जिससे लाखों किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर हो सकती है। किसानों के लिए यह होली वाकई खुशियों और उम्मीदों वाली साबित हो रही है!












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