MP News: मऊगंज के BJP विधायक प्रदीप पटेल 1 महीने से लापता! डरा-सहमा वीडियो आया सामने, गैंग के डर से अज्ञातवास
MP News Mauganj BJP: मध्य प्रदेश के मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रदीप पटेल के लापता होने को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन अब तक उनकी एक भी ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। न परिवार को पता है वे कहां हैं, न पार्टी के स्थानीय नेताओं को, न ही पुलिस को।
70 किलोमीटर दूर रीवा जिला मुख्यालय से लेकर मऊगंज के उनके घर तक हर कोई सन्नाटे में डूबा हुआ है। विधायक के घर का गेट अंदर से बंद है, कार्यालय ताला लगा हुआ है और परिवार के सदस्य बाहर आने से कतराते हैं।

सोशल मीडिया और इलाके में अफवाहों का बाजार गर्म है-कभी कहा जाता है कि वे भोपाल में हैं, कभी नागपुर, कभी दिल्ली। 10 दिन पहले एक वीडियो सामने आया था जिसमें विधायक प्रदीप पटेल खुद नजर आए थे। वीडियो में वे साफ तौर पर डरे हुए और असुरक्षित लग रहे थे। उन्होंने परिवार से कहा था-"माहौल बहुत असुरक्षित है। घर से बाहर मत निकलना, गेट बंद रखना।" वीडियो के बाद से चिंता और बढ़ गई है। परिवार का कहना है कि एक गैंग के डर ने विधायक को अज्ञातवास में जाने और परिवार को खौफ के साए में जीने पर मजबूर कर दिया है।
कहानी की शुरुआत कब हुई?
प्रदीप पटेल पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से मऊगंज सीट जीते थे। वे इलाके में काफी सक्रिय नेता माने जाते थे। जनवरी के पहले सप्ताह में वे विधानसभा सत्र के लिए भोपाल गए थे। सत्र खत्म होने के बाद वे घर नहीं लौटे। पहले 8-10 दिन तक परिवार को लगा कि शायद कोई राजनीतिक काम में व्यस्त हैं। लेकिन जब फोन नहीं लगे, संदेश का जवाब नहीं आया और उनके करीबी भी कुछ नहीं बता पाए तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार का आरोप है कि पुलिस जांच में गंभीरता नहीं दिखा रही।
10 दिन पहले वायरल हुआ वीडियो
लापता होने के करीब 20 दिन बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में प्रदीप पटेल खुद नजर आए। वे कैमरे की तरफ देखते हुए धीमी आवाज में बोल रहे थे-"माहौल बहुत खराब है। मुझे असुरक्षित महसूस हो रहा है। घर से बाहर मत निकलना। गेट बंद रखना।" वीडियो में वे बार-बार पीछे मुड़कर देखते दिखे, जैसे कोई उन्हें डरा रहा हो।
वीडियो के बाद परिवार ने कहा कि यह वीडियो विधायक ने खुद बनाकर किसी विश्वसनीय व्यक्ति के जरिए भेजा था। लेकिन इसके बाद से उनका कोई भी संपर्क नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि एक गैंग ने उन्हें धमकाया था। गैंग का नाम या वजह परिवार ने स्पष्ट नहीं बताई, लेकिन कहा कि "सब कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ा है।"
इलाके में क्या चर्चा है?
मऊगंज और रीवा के आसपास के इलाकों में अलग-अलग अफवाहें फैली हुई हैं। कुछ लोग कहते हैं कि विधायक किसी राजनीतिक दबाव में छिपे हैं। कुछ का कहना है कि उन्हें कहीं जबरन रखा गया है। कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का दावा है कि वे नागपुर या दिल्ली में सुरक्षित हैं और जल्द ही सामने आएंगे। लेकिन परिवार का कहना साफ है-"वे गायब हैं और हमें डर लग रहा है।"
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हर संभव कोशिश की जा रही है और जल्द ही कोई जानकारी सामने आएगी। भाजपा जिला इकाई ने भी चिंता जताई है और विधायक की तलाश के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा है। लेकिन पार्टी स्तर पर कोई बड़ा बयान या आंदोलन अभी नहीं हुआ है।
परिवार में खौफ का माहौल
विधायक के घर का गेट अंदर से बंद है। परिवार के सदस्य बाहर आने से कतराते हैं। पड़ोसी बताते हैं कि घर में रोने-धोने की आवाजें आती हैं। विधायक की पत्नी और बच्चे बहुत डरे हुए हैं। परिवार का कहना है कि "जो लोग उन्हें धमका रहे हैं, वे बहुत ताकतवर हैं। इसलिए हम खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे।"
यह मामला अब सिर्फ एक विधायक के लापता होने तक सीमित नहीं रहा। यह राजनीतिक दबाव, व्यक्तिगत दुश्मनी और सुरक्षा के सवालों की गहरी परतें खोल रहा है। मऊगंज से लेकर भोपाल तक हर कोई इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है-प्रदीप पटेल आखिर कहां हैं?












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