MP News: खरगोन में 10 हजार की रिश्वत लेते लेखाधिकारी गिरफ्तार, 10 लाख के काम पर मांग रहा था 7% कमीशन
Indore Lokayukta: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त संगठन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत के लेखाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों के बाद इंदौर लोकायुक्त इकाई ने यह ट्रैप कार्रवाई अंजाम दी, जिससे पंचायत स्तर पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल का खुलासा हुआ है।

ठेकेदार से मांगी जा रही थी प्रतिशत में रिश्वत
मामले के आवेदक राजेश पंवार, निवासी ग्राम बिष्टान, जिला खरगोन, ठेकेदारी का कार्य करते हैं। जानकारी के अनुसार वह पहले अन्य ठेकेदारों से लेबर रेट पर काम लेते थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने स्वयं ठेकेदारी शुरू की थी। ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड और चेक डैम निर्माण कार्य कराने के लिए उन्होंने पंचायत से ठहराव प्रस्ताव बनवाकर 20 जनवरी 2026 को संबंधित फाइल जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी को सौंपी।
फाइल देखते ही मांगे 10 हजार रुपए
आरोप है कि जनपद पंचायत भगवानपुरा में पदस्थ लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान ने फाइल देखते ही आवेदक से 10 हजार रुपये रिश्वत ले लिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने खुलकर कमीशन का गणित भी समझाया। उसने कहा- कुल कार्य राशि करीब 10 लाख रुपये है।
- सीईओ मैडम का 5 प्रतिशत
- स्वयं का 2 प्रतिशत
यानी लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने की बात कही गई।
लोकायुक्त से की शिकायत
लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर राजेश पंवार ने मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए।सत्यापन के दौरान आरोपी ने दो नई फाइलों की स्वीकृति के बदले फिर से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़ा
आवेदक ने अंबाह पंचायत सरपंच से दो नए कार्यों के ठहराव प्रस्ताव स्वीकृत करवाए और आरोपी से फाइल पास कराने के लिए रिश्वत देने का समय तय किया गया। दिनांक 26 फरवरी 2026 को लोकायुक्त इंदौर द्वारा ट्रैप दल गठित किया गया। जैसे ही आरोपी लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान ने खरगोन में आवेदक से 10 हजार रुपये रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- ट्रैप दल में शामिल रहे -
- प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव,
- आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट,
- आशीष नायडू,
- रामेश्वर निंगवाल,
- शैलेन्द्र सिंह बघेल,
- कमलेश तिवारी,
- प्रभात मोरे।
पंचायतों में कमीशनखोरी पर बड़ा संदेश
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर चल रही कथित कमीशन व्यवस्था पर बड़ी चोट माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि विकास कार्यों की स्वीकृति के नाम पर प्रतिशत तय कर रिश्वत मांगने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं।
लोकायुक्त संगठन ने साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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