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MP News: 3 लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवार को कैसे मिलेगी पेंशन? जानिए पूरी डिटेल्स और लाभ

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिवारों को भी परिवार पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।

इस फैसले से प्रदेश के 3 से 4 लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवारों को सीधा फायदा होगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और वित्त विभाग को इनके प्रकाशन और क्रियान्वयन का अधिकार दिया गया है।

MP News Families of 3 lakh employees will get pension Effective from April 1 2026

क्या है नया प्रावधान?

1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आते हैं। पहले इस व्यवस्था में परिवार पेंशन को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं था, जिससे कर्मचारियों के परिवारों में असुरक्षा की भावना रहती थी। अब नए नियमों के तहत यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति/पत्नी और आश्रितों को परिवार पेंशन दी जाएगी।

यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु 10 वर्ष की सेवा पूरी होने से पहले हो जाती है, तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से परिवार पेंशन देगी। यह राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन का एक-तिहाई होगी। पहले यह सुविधा केवल 2005 से पहले नियुक्त पुरानी पेंशन योजना (OPS) कर्मचारियों के परिवारों को मिलती थी, लेकिन अब NPS कर्मचारियों को भी समान अधिकार दिया गया है।

बेटियों और दिव्यांग आश्रितों के लिए बड़ा बदलाव, आजीवन पेंशन का अधिकार, हटाई गई आयु सीमा

नियम 44 में बड़ा संशोधन करते हुए अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का पात्र माना गया है। पहले 25 वर्ष की आयु सीमा लागू थी और तलाकशुदा या परित्यक्ता बेटियों को पेंशन का लाभ नहीं मिलता था। अब उन्हें बिना आयु सीमा के आजीवन परिवार पेंशन मिलेगी।

यह निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर वे बेटियां जो विवाह के बाद किसी कारणवश मायके लौट आती हैं और आर्थिक रूप से कमजोर होती हैं, उन्हें अब स्थायी सुरक्षा मिलेगी।

इसके अलावा दिव्यांग पुत्र, पुत्री या आश्रित भाई-बहन को भी आजीवन पेंशन का लाभ दिया जाएगा। आश्रित की आय सीमा अब न्यूनतम पेंशन 7,750 रुपये और उस पर मिलने वाली महंगाई राहत के आधार पर तय की जाएगी। परिवार पेंशन का लाभ परिवार की सबसे बड़ी संतान (बेटा या बेटी) को मिलेगा।

पेंशन प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी

सरकार ने पेंशन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का भी निर्णय लिया है। ई-सेवा पुस्तिका, स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति, केंद्र और राज्य सेवा के संयोजन तथा पेंशन कम्यूटेशन से जुड़े नियमों में भी सुधार किए गए हैं।

प्रदेश में कुल नियमित कर्मचारियों की संख्या लगभग 7 लाख है, जबकि NPS के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की संख्या 3 से 4 लाख (कुछ अनुमानों के अनुसार 4.60 लाख तक) बताई जा रही है। ऐसे में यह निर्णय व्यापक प्रभाव वाला साबित होगा।

लाभार्थी कैसे उठाएं फायदा?

कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को संबंधित विभाग या ट्रेजरी कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, सेवा विवरण, आश्रित प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और उसके बाद आने वाले सभी मामलों के साथ-साथ मौजूदा NPS कर्मचारियों के परिवारों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत

यह फैसला 1976 के पेंशन नियमों में केंद्र द्वारा किए गए संशोधनों को प्रदेश में लागू करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे ऐतिहासिक और कर्मचारी-हितैषी कदम बताया है।

सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और विशेष रूप से महिलाओं को मजबूती मिलेगी। यदि आपका या आपके परिवार का कोई सदस्य NPS के अंतर्गत कर्मचारी है, तो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नए नियमों की जानकारी जरूर रखें और समय पर आवेदन कर लाभ उठाएं।

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