MP News: मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीधी कलेक्टर हटाए, जानिए क्यों गिरी गुना एसपी पर भी गिरी गाज
MP News CM Mohan Yadav action: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आकस्मिक दौरे और जनता से सीधी बातचीत का असर अब दिखने लगा है। सीधी जिले में मुख्यमंत्री के एक दिन के प्रवास के दौरान आमजन द्वारा की गई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हुई है। सबसे बड़ा फैसला यह हुआ कि सीधी के कलेक्टर को हटा दिया गया है।
साथ ही गुना जिले के एसपी को भी पद से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री द्वारा सुनी गई शिकायतों और प्रशासनिक लापरवाही पर आधारित है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जनता की शिकायतों पर ढुलमुल रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सीधी प्रवास के दौरान क्या हुआ?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले में बिना पूर्व सूचना के दौरा किया था। उन्होंने आमजन से खुली सभाओं में शिकायतें सुनीं। इसमें मुख्य रूप से जिला प्रशासन की नाकामी, भू-राजस्व विवाद, जल संकट, सड़क-बिजली की समस्या, भ्रष्टाचार और पुलिस की मिलीभगत जैसे मुद्दे सामने आए। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कई शिकायतों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। सीधी कलेक्टर पर जनता ने कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें विकास कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनता से दूरी बनाए रखने का भी जिक्र था। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन कलेक्टर को हटाने का आदेश जारी कर दिया।
गुना एसपी पर भी गाज
सीधी दौरे के दौरान ही गुना जिले से जुड़ी कई शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंची थीं। इसमें पुलिस की मिलीभगत, हवाला मामलों में ढिलाई और अपराधियों के साथ सेटिंग के आरोप शामिल थे। मुख्यमंत्री ने गुना के एसपी को भी हटाने के निर्देश दे दिए हैं। यह कार्रवाई गुना में हाल ही में सामने आए हवाला कांड और अन्य पुलिस लापरवाही के मामलों के बाद हुई है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है। जो अधिकारी जनता की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करते या खुद भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई होगी।
जनता में राहत, विपक्ष में हलचल
सीधी और गुना में इस कार्रवाई से आम जनता में राहत की भावना है। कई लोगों ने कहा कि लंबे समय से अधिकारी मनमानी कर रहे थे, अब मुख्यमंत्री की सख्ती से सुधार होगा। वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ शो-ऑफ कर रहे हैं, असल में प्रशासनिक सुधार की कोई ठोस योजना नहीं है।
मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बार सार्वजनिक मंचों से कहा है कि उनका फोकस "जनता की सेवा और प्रशासन की जवाबदेही" पर है। आकस्मिक दौरे इसी मकसद से किए जाते हैं ताकि अधिकारी और जनता के बीच की दूरी कम हो। सीधी और गुना की कार्रवाई इसी दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे दौरे बढ़ने की संभावना है।
यह घटनाक्रम मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सुधार और जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का संकेत देता है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में कितनी और कार्रवाइयां होती हैं और क्या यह सिर्फ शुरुआत है या वाकई व्यवस्था में बदलाव आएगा।












Click it and Unblock the Notifications