MP News: किसान बने मुख्यमंत्री मोहन यादव, ट्रैक्टर चलाकर किया कृषक कल्याण वर्ष–2026 का शुभारंभ
MP News: मध्य प्रदेश में कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को राजधानी भोपाल से "कृषक कल्याण वर्ष-2026" का भव्य, गरिमामय और जनभावनाओं से ओतप्रोत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वयं 1101 ट्रैक्टरों की विशाल किसान रैली का नेतृत्व करते नजर आए। अनुशासित ढंग से सजी-धजी ट्रैक्टरों की कतारें, लहराते झंडे और किसानों का उत्साह पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना गया।

ट्रैक्टर रैली में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए किसानों की सहभागिता ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार और किसान एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की एकजुटता, आत्मविश्वास और प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह आयोजन दर्शाता है कि मध्य प्रदेश सरकार कृषि और कृषकों के हित में निरंतर, ठोस और दूरगामी निर्णय लेने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जब मुख्यमंत्री बने "किसान", ट्रैक्टर की कमान संभालते ही गूंज उठी तालियाँ
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरक क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं ट्रैक्टर की कमान संभाली। उन्होंने ट्रैक्टर चालक से आग्रह कर सीट संभाली और ट्रैक्टर चलाया। मुख्यमंत्री की यह सहजता और किसानों के श्रम के प्रति सम्मान का भाव देखकर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। किसानों ने "किसान बने मुख्यमंत्री" का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दृश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि सरकार और किसान के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
किसान, नारी, युवा और गरीब-सरकारी नीतियों के चार मजबूत स्तंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की नीतियों का केंद्र किसान, नारी, युवा और गरीब हैं। इन चारों वर्गों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि विकास की रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम देने में विश्वास रखती है।
वर्ष 2026 रहेगा "कृषक कल्याण वर्ष", 16 विभाग मिलकर करेंगे काम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को आधिकारिक रूप से "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित करते हुए कहा कि पूरे साल किसानों के हितों पर विशेष और केंद्रित ध्यान दिया जाएगा। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। इन प्रयासों के माध्यम से कृषि के सभी आयाम-उत्पादन, लागत, विपणन, आय और किसान कल्याण-को एक साथ मजबूत किया जाएगा।
कृषि विकास दर 16 प्रतिशत, लक्ष्य-आय बढ़े और लागत घटे
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो प्रदेश की कृषि क्षमता और सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए व्यावहारिक उपायों को लागू करना है।
"यह पहला दिन है, पूरा साल किसान के नाम"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के संकल्प की पूर्ति का यह पहला दिन है। पूरे वर्ष विकास, कल्याण और मंगलकारी कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समृद्ध हों, कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।
भोपाल से शुरू हुआ यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल एक सरकारी कार्यक्रम रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि मध्य प्रदेश में किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि विकास के केंद्र में हैं।












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