केरल में ऑल इंडिया इंटर साईं रोइंग चैंपियनशिप, MP ने रचा इतिहास, 11 स्वर्ण सहित कुल 26 पदक जीत दूसरे स्थान पर
MP News: पानी पर तिरंगा लहराने वाली मध्य प्रदेश की युवा रोइंग टीम ने 10वीं ऑल इंडिया इंटर साईं रोइंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। 13 से 16 अक्टूबर तक केरल के कैरल एलप्पी में आयोजित इस चार दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में मध्य प्रदेश ने 11 स्वर्ण, 6 रजत और 9 कांस्य पदक सहित कुल 26 पदक हासिल कर ओवरऑल दूसरा स्थान प्राप्त किया।
ओडिशा और केरल जैसे मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए एमपी की टीम ने अपनी कड़ी मेहनत का प्रमाण दिया। यह सफलता मध्य प्रदेश रोइंग अकादमी के मुख्य कोच, अर्जुन अवॉर्डी दलवीर सिंह राठौर की अथक परिश्रम का नतीजा मानी जा रही है, जिन्होंने युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तर की ट्रेनिंग देकर उन्हें चैंपियन बनाया।

यह चैंपियनशिप स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) के विभिन्न नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) के बीच आयोजित की गई, जिसमें कन्याकुमारी, भोपाल, जगतपुर, गैंगटोक, गांधीनगर, रोहतक, कोलकाता और अलप्पुझा जैसे सेंटर्स के 200 से अधिक एथलीट्स ने भाग लिया। इवेंट में सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर कैटेगरी में विभिन्न रोइंग डिसिप्लिन्स जैसे सिंगल स्कल, डबल स्कल, फोर विद, एट विद प्लस आदि में मुकाबले हुए। मध्य प्रदेश की भोपाल एनसीओई टीम ने विशेष रूप से मेंस कैटेगरी में दबदबा बनाए रखा।
मेंस 4- इवेंट में स्वर्ण, मेंस 8+ में रजत: विदिशा के नन्हे हीरोज का जलवा
मध्य प्रदेश टीम का प्रदर्शन चरम पर तब पहुंचा जब विदिशा जिले के चार युवा रोअर्स-भगीरथ कुशवाह, अक्षय यादव, उदयराज सिंह चौहान और अमित यूके-ने अपनी टीम के साथ मिलकर दो प्रमुख इवेंट्स में पदक जीते। मेंस फोर विद (4-) इवेंट के फाइनल में एमपी टीम ने केरल और ओडिशा को कड़ी टक्कर देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। लगभग 2000 मीटर की दूरी तय करने वाले इस रेस में एमपी की टीम ने रिकॉर्ड समय 6:45.32 मिनट में फिनिश किया, जबकि केरल दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर रही।
इसके अलावा, मेंस एट विद प्लस (8+) इवेंट में एमपी टीम ने ओडिशा को हराकर सिल्वर मेडल हासिल किया। यहां ओडिशा ने गोल्ड लिया, लेकिन एमपी की टीम ने ब्रॉन्ज के लिए केरल को पछाड़ दिया। इन चारों युवाओं ने न केवल अपनी टीम को चमकाया, बल्कि मध्य प्रदेश को रोइंग में एक नई ऊंचाई प्रदान की। भगीरथ कुशवाह ने बताया, "हमारी ट्रेनिंग भोपाल के लोअर लेक पर होती है, जहां कोच राठौर सर हमें हर दिन 50 किलोमीटर तक रोइंग करवाते हैं। यह स्वर्ण हमारी मेहनत का फल है।" अक्षय यादव ने जोड़ा, "ओडिशा जैसी मजबूत टीम को हराना आसान नहीं था, लेकिन टीमवर्क ने हमें जीत दिलाई।"
ये युवा सभी विदिशा के रहने वाले हैं और मध्य प्रदेश रोइंग अकादमी से जुड़े हैं। उनकी सफलता ने स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोइंग की ओर प्रेरित किया है।
मध्य प्रदेश रोइंग अकादमी का दबदबा: 11 गोल्ड से चमका मैडल टैली
अभियान के दौरान मध्य प्रदेश ने कुल 26 पदक जीते, जो विभिन्न कैटेगरी में बंटे। सीनियर मेंस में 4 गोल्ड, 3 सिल्वर; जूनियर में 5 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज; और सब-जूनियर में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज सहित यह उपलब्धि हासिल हुई। ओवरऑल मैडल टैली में अलप्पुझा (केरल) ने पहला स्थान लिया, लेकिन एमपी ने दूसरे स्थान पर रहकर साबित किया कि भोपाल का वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर देश का सर्वश्रेष्ठ है।
यह चैंपियनशिप रोइंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जहां 96 मेडल इवेंट्स हुए। साईं के अधिकारियों ने बताया कि यह इवेंट एशियन और ओलंपिक स्तर की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश ने कयाकिंग और कैनोइंग में भी मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन रोइंग में विशेष सफलता मिली।
कोच दलवीर सिंह राठौर: अर्जुन अवॉर्डी जिन्होंने रचा चमत्कार
इस सफलता का पूरा श्रेय मध्य प्रदेश रोइंग अकादमी के चीफ कोच, अर्जुन अवॉर्डी दलवीर सिंह राठौर को जाता है। 15 वर्षों से रोइंग कोचिंग में सक्रिय राठौर ने 2018 में अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त किया था। उनकी कड़ी मेहनत से अकादमी के 50 से अधिक युवा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। राठौर ने कहा, "हमारे पास आधुनिक रोइंग बोट्स और इंटरनेशनल कोचिंग मेथड्स हैं। बच्चे सुबह 5 बजे से ट्रेनिंग शुरू करते हैं। यह पदक टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।"
राठौर की अगुवाई में अकादमी ने पिछले साल भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में टॉप-3 में जगह बनाई थी। उनकी ट्रेनिंग में फिजिकल फिटनेस, मेंटल स्ट्रेंथ और टीम कोऑर्डिनेशन पर जोर दिया जाता है। साईं के डायरेक्टर ने राठौर को बधाई देते हुए कहा, "एमपी का मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है।"
पदकों की झलक: मध्य प्रदेश का दबदबा
कैटेगरी,स्वर्ण,रजत,कांस्य,कुल
- सीनियर मेंस,4,3,2,9
- जूनियर मिक्स्ड,4,2,3,9
- सब-जूनियर विमेंस,3,1,4,8
- कुल,11,6,9,26
ओलंपिक की राह पर एमपी रोइंग
यह चैंपियनशिप मध्य प्रदेश के लिए ओलंपिक और एशियन गेम्स की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनी। कोच राठौर ने बताया कि अगले साल एशियन रोइंग चैंपियनशिप के लिए 10 युवाओं को चुना जाएगा। राज्य सरकार ने भी रोइंग को बढ़ावा देने के लिए भोपाल में नया वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई है।
विदिशा के इन चार युवाओं की सफलता ने स्थानीय समुदाय में उत्साह भर दिया है। जिला कलेक्टर ने कहा, "ये हमारे जिले का गौरव हैं। हम स्कूल स्तर पर रोइंग कोर्स शुरू करेंगे।" यह इवेंट न केवल पदकों का जश्न है, बल्कि भारतीय रोइंग को नई दिशा देने वाला कदम है।












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