MP board: बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाला आरोपी रायसेन से गिरफ्तार, भोपाल क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा
माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं का पेपर लीक मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी कौशिक दुबे को रायसेन से गिरफ्तार किया है। खंडवा से भी एक आरोपी को हिरासत में लिया है। वहीं दो अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पेपर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को आरोपी कौशिक दुबे को रायसेन से गिरफ्तार किया है। आरोपी के टेलीग्राम ग्रुप में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले 35 हजार स्टूडेंट्स मिले हैं। क्राइम ब्रांच ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अकेले 600 स्टूडेंट से करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठगे हैं। क्राइम ब्रांच ने एमपी बोर्ड के कक्षा 12वीं के पेपर लीक करने के आरोप में दो पर्यवेक्षकों को भी गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस इसी ग्रुप से जुड़े एक अन्य आरोपी को कस्टडी में लेकर पूछताछ कर रही है, जबकि दो आरोपियों की सर्चिंग की जा रही है। पुलिस को अब तक 10-12 टेलीग्राम ग्रुप की जानकारी मिली है, जिनमें बोर्ड परीक्षाओं के पेपर बेचने का गोरखधंधा चल रहा था। आरोपी पिछले 2 साल से इस तरह की ठगी करने की वारदात को अंजाम दे रहे थे।
अमित कुमार ने बताया कि मंडीदीप रायसेन के रहने वाले कौशिक दुबे, पिता श्याम कुमार दुबे को गिरफ्तार किया गया है। वह बीकॉम थर्ड ईयर का स्टूडेंट है। आरोपी टेलीग्राम ग्रुप में बोर्ड एग्जाम के पेपर का लिंक जनरेट कर 600 से ₹1000 में स्टूडेंट को पेपर बेच रहा था। भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास एक बैंक पासबुक, मोबाइल, दो सिम कार्ड बरामद किए है।
बता दे शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा दसवीं का अंग्रेजी का पेपर सोशल मीडिया पर लीक हुआ था। इससे पहले 1 मार्च से ही सोशल मीडिया पर लगातार बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे थे। हालांकि इस मामले में बोर्ड ने 4 मार्च को पुलिस कमिश्नर भोपाल को शिकायत भी की थी। वहीं शुरुआत में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इसे अफवाह बताया था, लेकिन बाद में उन्होंने भी दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी।
पेपर लीक मामले में लगातार हो रही कार्रवाई से छात्रों के मन में यह डर है कि कहीं उन्हें दोबारा परीक्षा ना देना पड़े। भले ही माध्यमिक शिक्षा मंडल इस मामले को अफवाह बताकर पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या फिर से माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड एग्जाम कराएगा। यदि पेपर नहीं हुए तो लीक हुए पेपर पढ़कर परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स टॉपर्स भी बन सकते हैं। इससे पढ़ने वाले छात्रों का नुकसान हो सकता है।
वारदात करने का तरीका
भोपाल क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी टेलीग्राम पर माध्यमिक शिक्षा मंडल का लोगो (मोनो) का उपयोग कर रहे थे। जिससे किसी को उन पर शक ना हो। फर्जी ग्रुप में आरोपी कक्षा 10वीं एवं 12वीं के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे की मांग करते थे। पैसे प्राप्त होने के बाद आरोपी द्वारा प्रश्नपत्र स्टूडेंट्स को दिया जाता था। आरोपी द्वारा यह प्रश्नपत्र टेलीग्राम ग्रुप एमपी बोर्ड हेल्प( MP board help) से प्राप्त किया जाता था।
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क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी
- पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा के पहले प्रश्न पत्र लेने के प्रलोभन में ना आए।
- प्रश्न पत्र के बदले में किसी को भी पैसे ना दे।
- असामाजिक तत्वों के द्वारा पैसे कमाने के लिए गैस पेपर या डमी पेपर भेजे जाते हैं।
- व्यक्ति को भरोसे में लेने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के लोगो(मोनो) का उपयोग किया जाता है।
- अगर इस तरह की घटना घटित होती है तो सूचना भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच के हेल्पलाइन नंबर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 दे।












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