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Bhopal News: भोपाल बैरसिया नगर पालिका वार्ड-7 उपचुनाव में बीजेपी की शाइस्ता सुल्तान की कैसे हई जीत, जानिए

Bhopal News MP BJP: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया नगर पालिका के वार्ड-7 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है। शाइस्ता सुल्तान ने 137 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर इस सीट पर कब्जा किया। इस उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी फरीदा इदरीस अहमद दूसरे और कांग्रेस प्रत्याशी आफरीन मोम्मद तारीक तीसरे स्थान पर रहीं। यह उपचुनाव पिछले पार्षद शबाना शोएब को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद हुआ था।

जीत के बाद विधायक विष्णु खत्री ने भी बैरसिया पहुंचकर शाइस्ता को बधाई दी और रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है इस उपचुनाव, इसके सियासी निहितार्थ और फर्जी प्रमाण पत्र विवाद की पूरी कहानी।

BJP Shaista Sultan wins Berasia Nagar Palika Ward-7 by-election fake caste certificate

उपचुनाव के नतीजे: शाइस्ता सुल्तान की जीत

  • बैरसिया नगर पालिका के वार्ड-7 में हुए उपचुनाव में कुल 1481 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 961 ने वोट डाले, यानी 64.89% मतदान हुआ। इस चुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में थीं:
  • शाइस्ता सुल्तान (बीजेपी): 451 वोट (46.93%)
  • फरीदा इदरीस अहमद (निर्दलीय): 314 वोट (32.67%)
  • आफरीन मो. तारीक (कांग्रेस): 196 वोट (20.40%)

शाइस्ता सुल्तान ने 137 वोटों के अंतर से निर्दलीय फरीदा को हराकर जीत हासिल की। कांग्रेस की प्रत्याशी आफरीन को केवल 196 वोट मिले, जो इस उपचुनाव में उनकी कमजोर स्थिति को दर्शाता है। रिटर्निंग अधिकारी और बैरसिया SDM आशुतोष शर्मा ने मतगणना के बाद शाइस्ता को विजेता घोषित किया और उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र का विवाद: शबाना की अयोग्यता

यह उपचुनाव शबाना शोएब को पार्षद पद से हटाए जाने के बाद हुआ। शबाना ने 2022 के नगर पालिका चुनाव में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के टिकट पर वार्ड-7 से जीत हासिल की थी। उस चुनाव में अन्य प्रत्याशियों में नगमा बी शानू अंसारी (बीजेपी), फरीदा इदरीस अहमद (कांग्रेस), फरजाना बी (आम आदमी पार्टी), और निर्दलीय परवीन बी शामिल थीं।

चुनाव के बाद परवीन बी ने कलेक्टर कोर्ट में याचिका दायर कर शबाना के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताया। उनकी शिकायत थी कि शबाना ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिला के लिए आरक्षित वार्ड-7 से चुनाव लड़ने के लिए तहसीलदार हुजूर के नाम से फर्जी OBC प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। टीटी नगर SDM की जांच में यह प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मार्च 2025 में आदेश जारी कर शबाना को मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41(1) के तहत तत्काल प्रभाव से पार्षद पद से हटाने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही, धारा 41(3) के तहत शबाना को आगामी छह वर्षों तक किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत के चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया। इस फैसले ने वार्ड-7 में उपचुनाव का रास्ता साफ किया।

उपचुनाव की सियासी अहमियत

बैरसिया भोपाल जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो भोपाल लोकसभा क्षेत्र और बैरसिया विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए आरक्षित है, जिसके कारण इस उपचुनाव में सभी प्रमुख दलों ने महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा। बीजेपी की जीत ने इस क्षेत्र में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है, खासकर तब जब 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बैरसिया से विष्णु खत्री को भारी मतों से विजयी बनाया था।

कांग्रेस के लिए यह हार एक झटका है, क्योंकि उनकी प्रत्याशी आफरीन मो. तारीक तीसरे स्थान पर रहीं। निर्दलीय फरीदा इदरीस अहमद, जो पिछले चुनाव में भी मजबूत दावेदार थीं, ने इस बार भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बीजेपी की संगठनात्मक ताकत के सामने वे जीत हासिल नहीं कर सकीं।

बैरसिया SDM आशुतोष शर्मा ने बताया, "उपचुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहा। मतगणना में किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत नहीं मिली।" विष्णु खत्री ने जीत का श्रेय बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की रणनीति को दिया। उन्होंने कहा, "यह जीत जनता के विश्वास और बीजेपी की नीतियों का परिणाम है। हम वार्ड-7 के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

फर्जी प्रमाण पत्र का मामला: एक सबक

शबाना शोएब के फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला न केवल बैरसिया बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करना गंभीर अपराध माना जाता है, और इस मामले ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित किया है।

चुनाव विश्लेषक प्रो. संजय शर्मा ने कहा, "यह मामला दर्शाता है कि प्रशासन को नामांकन प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच को और सख्त करना होगा। फर्जी प्रमाण पत्र न केवल चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाते हैं।"

बीजेपी की रणनीति और कांग्रेस की चुनौती

बीजेपी ने इस उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। विष्णु खत्री और स्थानीय बीजेपी नेताओं ने घर-घर जाकर प्रचार किया और लाड़ली बहना योजना जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता के बीच उजागर किया। शाइस्ता सुल्तान की जीत को बीजेपी ने 2028 के नगर पालिका चुनाव और 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में लिया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस की हार ने उनके संगठनात्मक ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस हार पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम इस हार का विश्लेषण करेंगे और भविष्य में मजबूत रणनीति बनाएंगे। बैरसिया की जनता का भरोसा जीतने के लिए हम और मेहनत करेंगे।"

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