MP News: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, मित्रा खंडेलवाल बनीं संस्कृति की ब्रांड एंबेसडर, CM को दिया धन्यवाद
Success Story: मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब केवल सरकारी फाइलों और भाषणों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जमीन पर इसकी सशक्त मिसालें सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं उद्यमी महिला मित्रा खंडेलवाल, जिन्होंने सरकारी योजनाओं के सहारे न सिर्फ अपना व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि भारतीय संस्कृति को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का अनूठा मॉडल भी तैयार किया है।
मित्रा खंडेलवाल ने बातचीत में बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं से मिले ऋण और प्रशिक्षण ने उनके सपनों को पंख दिए। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जो योजनाएं चल रही हैं, उनसे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का वास्तविक मौका मिला है। इसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करती हूं।"

सपने की शुरुआत: संस्कृति को व्यवसाय से जोड़ने का विचार
मित्रा खंडेलवाल का सपना शुरू से अलग था। वे केवल मुनाफा कमाने वाला व्यवसाय नहीं, बल्कि ऐसा काम करना चाहती थीं, जो भारतीय संस्कृति, परंपरा और हस्तकला को जीवित रखे।
मित्रा बताती हैं-
- "मैं अपने व्यवसाय के जरिए भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हूं।"
- "हम हैंडीक्राफ्ट, ट्रेडिशनल आर्ट और सांस्कृतिक उत्पादों पर फोकस कर रहे हैं।"
- "ग्रामीण कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ा रहे हैं।"
- "महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ना मेरा लक्ष्य है।"
उनका व्यवसाय आज ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है, जिससे देशभर में भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की पहचान बन रही है।
सरकारी योजनाओं से मिली ताकत: ऋण बना संबल
हर नए उद्यमी की तरह मित्रा के सामने भी सबसे बड़ी चुनौती थी-पूंजी की कमी। यहीं से सरकारी योजनाएं उनके लिए संजीवनी साबित हुईं।
मित्रा बताती हैं कि उन्होंने-
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
- MSME से जुड़ी योजनाएं
- महिला उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम
- का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय की मजबूत नींव रखी।
वे कहती हैं, "शुरुआत में पूंजी की समस्या थी। सरकार से मिले आसान ऋण और सब्सिडी से मैंने व्यवसाय शुरू किया। आज आय बढ़ी है, परिवार मजबूत हुआ है और आत्मविश्वास भी।"
ग्रामीण कारीगरों को रोजगार, संस्कृति को संरक्षण
मित्रा का व्यवसाय सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं के लिए भी रोजगार का जरिया बन चुका है। पारंपरिक कढ़ाई, हस्तशिल्प, सजावटी और सांस्कृतिक उत्पादों के माध्यम से वे ग्रामीण हुनर को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा रही हैं।
इस पहल से-
- ग्रामीण कारीगरों की आय बढ़ी
- महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिला
- पारंपरिक कला को नया मंच मिला
- मित्रा मानती हैं कि संस्कृति तभी बचेगी, जब उससे रोजगार जुड़ेगा।
CM मोहन यादव का आभार: "महिलाओं के लिए विजन साफ"
मित्रा खंडेलवाल ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिला केंद्रित योजनाओं को नई गति मिली है। उन्होंने कहा-"मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी का विजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का है। सरकार महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बना रही है। मैं हृदय से धन्यवाद करती हूं कि हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला।"
MP मॉडल ऑफ महिला उद्यमिता: लाखों महिलाएं आगे बढ़ीं
मध्य प्रदेश आज महिला उद्यमिता के मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
- लाड़ली बहना योजना से जुड़ी आत्मनिर्भरता
- MSME में महिलाओं को प्राथमिकता
- इन योजनाओं से लाखों महिलाएं स्वरोजगार की ओर बढ़ चुकी हैं।
- सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में महिलाएं अब अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती जा रही हैं।
प्रेरणा की कहानी: हर महिला के लिए संदेश
मित्रा खंडेलवाल की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेती हैं। मित्रा का संदेश साफ है- "हर महिला सपना देखे। अगर हौसला है, तो सरकार साथ है।"
भारतीय संस्कृति की खुशबू और आत्मनिर्भरता का संदेश फैलाती मित्रा खंडेलवाल की यह यात्रा साबित करती है कि सरकारी योजनाएं सही हाथों में पड़ें, तो बदलाव निश्चित है।












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