MP News: 15 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेगी बड़ी सौगात, मोहन सरकार बदलेंगी ये नियम- जानिए कैसे
MP News: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नया साल लाने वाली है। राज्य के करीब 7.50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 4 लाख से अधिक पेंशनर्स-कुल 15 लाख से ज्यादा लोगों-को केंद्र सरकार के समान सुविधाओं का लाभ मिलने जा रहा है। प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ कल्याणकारी कदमों पर फोकस करते हुए सरकार 2026 से 5 बड़े बदलाव लागू करने की तैयारी में है।
कोरोना काल में शुरू हुए 5-डे वीक को समाप्त कर 6-डे वीक बहाल किया जाएगा, सरकारी छुट्टियों में कटौती के साथ क्षेत्रवार अवकाश प्रणाली लागू होगी। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू होगी।

पेंशन नियमों में केंद्र जैसा संशोधन होगा, तीसरी संतान नीति को हटाने पर विचार तेज है, और भर्ती परीक्षा सिस्टम में बड़े सुधार होंगे। ये बदलाव न सिर्फ कर्मचारियों की लंबी मांगों को पूरा करेंगे, बल्कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाकर राज्य के विकास को गति देंगे।
बदलाव 1: 5-डे वीक का अंत, 6-डे वीक बहाल-प्रशासनिक कसावट के लिए बड़ा कदम
कोरोना महामारी के दौरान शुरू की गई 5-दिवसीय कार्य सप्ताह प्रणाली अब इतिहास बनने वाली है। मोहन सरकार 2026 से सरकारी कार्यालयों में 6-दिवसीय वीक बहाल करने जा रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। मुख्य सचिव वेणु श्रीस्कंध ने बताया, "यह बदलाव उत्पादकता बढ़ाने के लिए जरूरी है। साप्ताहिक अवकाश रविवार ही रहेगा, लेकिन कार्यालय शनिवार को भी खुले रहेंगे।" कर्मचारी संगठनों की मांग के बावजूद, सरकार का तर्क है कि इससे फाइलें लंबित नहीं रहेंगी और जनता को बेहतर सेवा मिलेगी।
इसके साथ ही, सरकारी छुट्टियों की संख्या में 10-15% की कटौती की जाएगी। वर्तमान में 18 गजेटेड छुट्टियां हैं, जो घटकर 14-15 रहेंगी। क्षेत्रवार अवकाश प्रणाली लागू होगी, यानी मालवा, बुंदेलखंड, नर्मदापुरम जैसे क्षेत्रों में स्थानीय त्योहारों पर ही अवकाश मिलेगा। इससे सालाना 5-7 अतिरिक्त कार्यदिवस जुड़ेंगे। राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "हमें छुट्टियों पर आपत्ति नहीं, लेकिन कार्यभार बढ़ने पर ओवरटाइम भत्ता जरूरी है।"
छुट्टियों में बदलाव,वर्तमान,नया प्रावधान
- कार्य सप्ताह,5 दिन,6 दिन
- गजेटेड छुट्टियां,18,14-15
- क्षेत्रीय अवकाश,सामान्य,क्षेत्र-विशेष (5-7 प्रति वर्ष)
- प्रभावित कर्मचारी,सभी,सभी कार्यालय
बदलाव 2: आयुष्मान जैसी कैशलेस स्वास्थ्य योजना-7.50 लाख कर्मचारियों को 5 लाख तक फ्री इलाज
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए 'मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना' लाई जा रही है। वर्तमान में कर्मचारी व्यक्तिगत बीमा पर निर्भर हैं, जहां बिल का महज 10-15% ही रिफंड होता है। नई योजना में प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मई 2025 में रविंद्र भवन के एक कार्यक्रम में घोषणा की थी, "7.50 लाख कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा। योजना पर अंतिम मंथन चल रहा है।"
योजना में निजी अस्पताल भी शामिल होंगे, और दवा-टेस्ट सब कवर होंगे। कर्मचारी संगठनों ने कैशलेस इलाज की मांग की थी, क्योंकि परिवार में बीमारी पर लाखों का खर्च होता है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "केंद्र की आयुष्मान भारत योजना का विस्तार होगा। 2026 से लागू, बजट में 500 करोड़ का प्रावधान।" इससे पेंशनर्स को भी अप्रत्यक्ष फायदा होगा, क्योंकि उनके आश्रितों को कवर मिलेगा।
स्वास्थ्य योजना का विवरण,लाभ,कवरेज
- कैशलेस इलाज,5 लाख/परिवार,सभी कर्मचारी-परिवार
- शामिल अस्पताल,500+ सरकारी-निजी,पूरे राज्य में
- लागू तिथि,जनवरी 2026,बजट: 500 करोड़
- अतिरिक्त लाभ,दवा-टेस्ट फ्री,पेंशनर्स के आश्रित
बदलाव 3: पेंशन में केंद्र जैसा संशोधन-विधवाओं, अविवाहित बेटियों को मिलेगा पारिवारिक पेंशन
पेंशनर्स की 36 साल पुरानी मांग पूरी होने वाली है। मोहन सरकार पेंशन नियम 1976 में संशोधन कर केंद्र के समान लाभ देगी। वर्तमान में 25 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा या परित्यक्ता महिलाओं को पारिवारिक पेंशन नहीं मिलती। नए नियमों से ये सभी पात्र होंगी। नवंबर 2024 में घोषित चार सदस्यीय समिति एक साल में रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर बदलाव होंगे।
अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता वाली समिति यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पर भी विचार करेगी। NPS में आने वाले कर्मचारियों को UPS चुनने पर गारंटीड पेंशन मिलेगी। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने कहा, "यह महिलाओं के सशक्तिकरण का कदम है। 4 लाख पेंशनर्स प्रभावित होंगे।" फरवरी 2025 में कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी थी।
पेंशन संशोधन,वर्तमान,नया लाभ
- अविवाहित पुत्री,25 वर्ष तक,कोई उम्र सीमा नहीं
- विधवा/परित्यक्ता,वंचित,पारिवारिक पेंशन पात्र
- UPS लागू,नहीं,"NPS विकल्प, 2025 से"
- प्रभावित,4 लाख पेंशनर्स,सभी आश्रित
बदलाव 4: तीसरी संतान नीति हटाने पर विचार-10,000 कर्मचारियों की नौकरी बचेगी
2001 से लागू 'तीसरी संतान नीति' को हटाने की दिशा में तेज कदम। इस नीति के तहत तीसरी संतान के बाद नौकरी पर रोक लगती है, जिससे कम से कम 10,000 कर्मचारियों का भविष्य संकट में था। अक्टूबर 2025 में कैबिनेट स्तर पर सहमति बनी। RSS के समर्थन से सरकार आगे बढ़ रही है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने पहले ही हटा लिया।
मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, "विभिन्न परिस्थितियों का आकलन कर नीति समाप्त होगी। इससे परिवार नियोजन पर दबाव कम होगा।" कर्मचारी संगठनों ने इसे ऐतिहासिक बताया।
बदलाव 5: भर्ती परीक्षा सिस्टम में सुधार-खाली पद भरने को नई प्रक्रिया
विभागों में लाखों खाली पदों को भरने के लिए परीक्षा सिस्टम में बड़ा बदलाव। MPPSC और अन्य बोर्डों में ऑनलाइन-ऑफलाइन मिश्रित मोड, नेगेटिव मार्किंग कम, और कट-ऑफ पारदर्शी होंगे। सेवा भर्ती नियमों में संशोधन से भर्ती तेज होगी। चार सदस्यीय समिति इसमें भी सिफारिशें देगी।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया: खुशी के साथ सतर्कता, संगठनों ने की सराहना
राज्य कर्मचारी संघ ने बदलावों का स्वागत किया। जितेंद्र सिंह ने कहा, "36 साल की मांग पूरी, लेकिन कार्यभार पर नजर।" पेंशनर्स एसोसिएशन ने महिलाओं के लिए धन्यवाद दिया। विपक्ष ने इसे चुनावी ड्रामा बताया, लेकिन सरकार ने कहा, "कल्याण निरंतर।" मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "ये बदलाव कर्मचारियों का हक हैं। 2026 बजट में प्रावधान।" ये कदम मध्य प्रदेश को कर्मचारी-अनुकूल राज्य बनाएंगे।












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