MP News: सड़कों में गड्ढे तो होंगे ही ! PWD मंत्री राकेश सिंह का बयान, "बारिश में गड्ढे हर जगह होते हैं"
मध्य प्रदेश की सड़कों पर गड्ढों की समस्या और भारी बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह का एक बयान सुर्खियों में है। उन्होंने कहा, "जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे होते रहेंगे। बारिश के मौसम में कौन सा राज्य है जहां सड़कों पर गड्ढे नहीं होते? हमारा काम है इन्हें भरना और सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर करना।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में मॉनसून की भारी बारिश ने सड़कों को खस्ताहाल कर दिया है।
सिवनी, जबलपुर, और छतरपुर जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, और कई जगह सड़कें धंसने या गड्ढों से भर जाने की खबरें सामने आई हैं। मंत्री के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग इसे यथार्थवादी मान रहे हैं, तो कुछ इसे सरकार की नाकामी का सबूत बता रहे हैं। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है इस बयान और मध्य प्रदेश की सड़कों की स्थिति की पूरी कहानी।

राकेश सिंह का बयान: गड्ढे होंगे, लेकिन सुधार की कोशिश जारी
भोपाल में बुधवार को मीडिया से बातचीत में PWD मंत्री राकेश सिंह ने सड़कों की खराब हालत पर सवालों का जवाब देते हुए कहा, "बारिश के मौसम में गड्ढे होना कोई नई बात नहीं है। देश में ऐसी कोई सड़क या तकनीक नहीं है जो पूरी तरह गड्ढा-मुक्त हो। भारी बारिश और ट्रैफिक के दबाव से सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं।" उन्होंने स्वीकार किया कि सड़कों की गुणवत्ता हमेशा बेहतर नहीं होती, लेकिन जोर देकर कहा कि "इसका मतलब यह नहीं कि हम सुधार नहीं करेंगे। हम तकनीकी चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहे हैं और सड़कों को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"
मंत्री ने यह भी कहा कि PWD का बजट सीमित है, और हर सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर तुरंत सड़क निर्माण शुरू नहीं किया जा सकता। "हम योजना के तहत काम करते हैं। भविष्य में कई बड़ी योजनाएं हैं, जिन पर काम शुरू हो चुका है," उन्होंने जोड़ा। हाल ही में वायरल हुए सीधी की गर्भवती महिला लीला साहू के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें खराब सड़कों की वजह से उनकी परेशानी दिखाई गई थी, राकेश सिंह ने कहा, "ऐसी घटनाएं दुखद हैं, लेकिन हमारा बजट इतना नहीं कि हर पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई हो। फिर भी, हम उस क्षेत्र में सड़क सुधार की योजना बना रहे हैं।"
मॉनसून का कहर: सड़कों पर गड्ढे और जनता की परेशानी
मध्य प्रदेश में इस साल मॉनसून ने जोरदार दस्तक दी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 14 इंच औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है, और 39 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। सिवनी, जबलपुर, छतरपुर, ग्वालियर, भिंड, और मुरैना जैसे जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, और कई जगह सड़कें धंस गई हैं या गड्ढों से भर गई हैं। छतरपुर के नौगांव में भाड़ार नदी के पुल पर तेज बहाव के कारण एक बाइक सवार बह गया, जिसे एक घंटे के बचाव कार्य के बाद सुरक्षित निकाला गया।
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सड़कों की हालत खराब है। भोपाल के 119 डिग्री पुल और इंदौर के 114 डिग्री पुल को लेकर भी चर्चा गर्म है। राकेश सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, "इन पुलों को गलत तरीके से 90 डिग्री का प्रचारित किया जा रहा है। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगा।
जबलपुर में हाल ही में सड़क निर्माण के निरीक्षण के दौरान राकेश सिंह ने अपने ही विभाग के इंजीनियरों को फटकार लगाई थी। उन्होंने पाया कि सड़क पर हार्ड मोरम की जगह मलबा डाला जा रहा था, जो जल्द ही गड्ढों का कारण बन सकता था। "आप मुझे बेवकूफ बना रहे हैं?" कहते हुए उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।












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