मुसलमान नहीं फिर भी रखते हैं रोजा और पढ़ते हैं नमाज, परिवार भी दे रहा है साथ
भोपाल के रहने वाले लक्ष्मी नारायण मुस्लिम नहीं होने के बावजूद पिछले 50 सालों से रोजा रख रहे हैं और मस्जिद में नमाज पढ़ते भी जाते हैं। इस काम में उनका परिवार भी उनका साथ दे रहा है।
भोपाल, 26 अप्रैल। एक तरफ जहां देश में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा और अजान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रदेश में और देश के कई अन्य राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई के बाद हिंदू मुस्लिम के बीच लगातार विवाद की खबरें देखने को मिल रही हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिल को सुकून देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, पुराने भोपाल में रहने वाले लक्ष्मीनारायण लगभग 50 सालों से रोजा रख रहे हैं और मस्जिद में जाकर नवाज भी पढ़ते हैं।
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कौन हैं लक्ष्मी नारायण
राजधानी भोपाल के पुराने शहर में रहने वाले लक्ष्मीनारायण गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रहे हैं। 71 वर्षीय लक्ष्मी नारायण खंडेलवाल पतंग का व्यापार करते हैं और पिछले लगभग 50 सालों से रोजा रख रहे हैं और इसके लिए बाकायदा वह मस्जिद में नमाज भी पढ़ने जाते हैं। ऐसा नहीं है कि लक्ष्मी नारायण खंडेलवाल सिर्फ इस्लाम धर्म को ही मानते हैं, वो अपने हिन्दू धर्म को भी पूरी आस्था से मानते हैं। लक्ष्मीनारायण देश के कोने कोने से कई मंदिरों व तीर्थ स्थलों के दर्शन भी करके आ चुके हैं।
भोपाल में हिंदू धर्म के लक्ष्मी नारायण अकेले ऐसे शख्स नहीं हैं, जो सिर्फ रोजा रखते हैं। इसी धर्म के एक और व्यक्ति मुन्नालाल हैं, जो कई सालों से रोजा भी रखते हैं और मजार की पूजा भी करते हैं। मुन्नालाल भोपाल के बागसेवनिया में निवास करते हैं।
रोजा रखने की पीछे की कहानी
आपको बता दें कि लक्ष्मी नारायण खंडेलवाल का कहना है कि करीब 50 साल पहले उनके सपनों में ख्वाजा गरीब नवाज आए थे और उन्होंने नमाज और रोजा रखने के लिए उनसे कहा। तब से वे लगातार रोजा और मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं। इतना ही नहीं रमजान के पाक महीने में वह दो बार पैदल चलकर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह जा चुके हैं।
बता दें कि उनके फैमिली वालों ने भी उनका भरपूर साथ दिया है। उन्हें रोजा और नमाज पढ़ने से कभी नहीं रोका। उन्होंने अपील की है कि लोग आपस में न लड़ें और मिलजुल कर भाई चारे के साथ अपने अपने त्यौहार मनाएं।












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