Kuno National Park: कूनो की आशा को भाया ‘माधव', लगा देती है दौड़, चीतों के लिए कम पड़ने लगी जगह
नर चीता पवन और मादा चीता आशा कूनो से निकलकर जंगल में घूम रहे हैं। आशा धौरेट सरकार बाबा मंदिर क्षेत्र के जंगल में घूमने के बाद पोहरी-बैराड़ के मार्ग से शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तक पहुंच चुकी है।

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीतों को अब वहां का जंगल रास नहीं आ रहा है। ये शिवपुरी की ओर दौड़ लगाने लगे हैं। चीता पवन को 2 बार ट्रेंक्युलाइज कर कूनो लाया जा चुका है। अब मादा आशा माधव नेशनल पार्क और सामान्य वन पहुंच गई है। कूनो की ट्रैकिंग टीम आशा की तलाश में जंगल में खाक छान रही है। फिलहाल ट्रेंक्युलाइज का इनका कोई प्लान नहीं है।
जानकारों का कहना है कि चीते को घूमने के लिए बड़ा एरिया चाहिए। चूंकि माधव नेशनल पार्क का एरिया बड़ा है। इसलिए चीते यहां आजादी से खुलकर घूमते हैं।
अकेले आशा और पवन ही ऐसे चीते नहीं हैं। जो कूनों के जंगल के बाहर घूम-फिर रहे हों। शौर्य और गौरव की जोड़ी भी कूनो नेशनल पार्क के जंगल से निकलकर टिकटोली और मोरवन की आबादी बस्ती के आसपास देखी जा चुकी है। शौर्य और गौरव दोनों एक साथ खुश रहते हैं। वे बहुत ज्यादा भागदौड़ करना और बाहर आना-जाना कम पसंद करते हैं।
सीसीएफ उत्तम शर्मा के अनुसार आशा शिवपुरी रेंज क्षेत्र में है। अब वह माधव नेशनल पार्क से बाहर है। हमारी टीम उस पर नजर बनाए हुई है। चीतों को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने की हमें कोई खबर नहीं है।












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